रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। 24-25 अप्रैल की रात रूस ने यूक्रेन पर बड़ा हवाई हमला किया, जिसमें देश के अहम इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया गया।
यूक्रेन की वायुसेना के मुताबिक, इस हमले में रूस ने कुल 47 मिसाइलें और 619 ड्रोन दागे। शाम 6 बजे से शुरू हुए इस हमले में बैलिस्टिक, क्रूज और ‘कामिकाजे’ ड्रोन का इस्तेमाल किया गया, जो सीधे टारगेट से टकराकर विस्फोट करते हैं।
यूक्रेन ने दावा किया है कि उसकी एयर डिफेंस सिस्टम ने इस हमले का काफी हद तक जवाब दिया। वायुसेना के अनुसार, 610 हवाई टारगेट्स को नष्ट कर दिया गया, जिनमें 30 मिसाइलें और 580 ड्रोन शामिल हैं। कई खतरनाक क्रूज मिसाइलों को भी हवा में ही मार गिराया गया, जिससे बड़े नुकसान को टाल दिया गया।
हालांकि, पूरी तरह से हमले को रोका नहीं जा सका। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, 13 मिसाइलें और 36 ड्रोन अपने निशाने तक पहुंच गए, जिससे देश के 23 अलग-अलग स्थानों पर नुकसान हुआ। वहीं, गिराए गए ड्रोन का मलबा 9 जगहों पर गिरा, जिससे स्थानीय स्तर पर भी क्षति हुई।
रूस ने यह हमला जमीन, समुद्र और हवा—तीनों मोर्चों से किया। मिसाइलें रूस के अलग-अलग इलाकों से दागी गईं, जबकि कुछ लॉन्चिंग कैस्पियन सागर और क्रीमिया क्षेत्र से भी हुई। यह हमला इस बात का संकेत है कि रूस अब यूक्रेन के खिलाफ बहु-स्तरीय रणनीति अपना रहा है।
