मुरादाबाद। राजधानी दिल्ली में हाल में हुए भीषण अग्निकांड के बाद मुरादाबाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। जिले में किसी भी संभावित अग्नि दुर्घटना से बचाव के लिए जिलाधिकारी और एसएसपी के निर्देश पर लगातार फायर सेफ्टी अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी क्रम में शहर की प्रमुख आवासीय सोसायटी ग्रीन ऑर्चिड रेजिडेंसी में विशेष फायर सेफ्टी जांच और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

इस अभियान का नेतृत्व मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) डॉ. राजीव कुमार पांडेय ने किया। उनके साथ अग्निशमन अधिकारी ज्ञान प्रकाश शर्मा और पूरी फायर ब्रिगेड टीम मौजूद रही। टीम ने सोसायटी में पहुंचकर सुरक्षा इंतजामों का बारीकी से निरीक्षण किया और निवासियों को आग से बचाव के व्यावहारिक उपायों की जानकारी दी।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण मॉक ड्रिल रही, जिसमें आग लगने की काल्पनिक स्थिति बनाकर रेस्क्यू ऑपरेशन का प्रदर्शन किया गया। इस दौरान लोगों को बताया गया कि आपात स्थिति में घबराने के बजाय सूझबूझ से काम लेना बेहद जरूरी है। शुरुआती कुछ मिनटों में सही कदम उठाकर बड़े हादसे को रोका जा सकता है।

निरीक्षण के दौरान फायर एक्सटिंग्विशर, हाइड्रेंट सिस्टम, डाउन कमर सहित अन्य अग्निशमन उपकरणों की जांच की गई। सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त पाई गईं, जिस पर अधिकारियों ने संतोष व्यक्त किया। साथ ही इमरजेंसी एग्जिट को हर समय साफ और अवरोध मुक्त रखने के निर्देश भी दिए गए।

फायर विभाग ने सोसायटी प्रबंधन को 24 घंटे प्रशिक्षित फायर ऑपरेटर की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई हो सके।

अधिकारियों ने कहा कि जिले में इस तरह के निरीक्षण और मॉक ड्रिल आगे भी नियमित रूप से जारी रहेंगे। प्रशासन का उद्देश्य सिर्फ नियमों का पालन कराना नहीं, बल्कि आम लोगों में जागरूकता बढ़ाना भी है। स्थानीय निवासियों ने भी इस पहल को सराहनीय बताते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम संकट की घड़ी में सही निर्णय लेने का आत्मविश्वास बढ़ाते हैं।
