मुरादाबाद। भोजपुर क्षेत्र में सोमवार को सामाजिक समरसता और सादगी का एक प्रेरणादायक उदाहरण देखने को मिला, जहां शाह सकलैन एकेडमी की ओर से 23 मुस्लिम युवक-युवतियों का सामूहिक निकाह सम्पन्न कराया गया। यह आयोजन न सिर्फ धार्मिक परंपराओं के अनुरूप हुआ, बल्कि समाज में बढ़ती फिजूलखर्ची के खिलाफ एक सशक्त संदेश भी देता नजर आया।
भोजपुर स्थित राजमहल मैरिज हॉल में “जश्ने शाह शराफत अली मियां” के नाम से आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत कुरान शरीफ की तिलावत से हुई। इसके बाद मौलवी द्वारा सभी जोड़ों का निकाह पढ़ाया गया और दूल्हा-दुल्हनों के सुखद वैवाहिक जीवन के लिए दुआएं की गईं। इस अवसर पर दुल्हनों को पारिवारिक जीवन में सम्मान और आपसी समझ बनाए रखने की नसीहत भी दी गई।
कार्यक्रम में मौजूद उलमा-ए-किराम ने अपने संबोधन में समाज को गैर-शरई परंपराओं और विवाह में होने वाली अनावश्यक फिजूलखर्ची से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि दिखावे और खर्च की होड़ ने गरीब परिवारों के लिए बेटियों की शादी को एक बड़ी चुनौती बना दिया है। ऐसे में सामूहिक निकाह जैसे आयोजन न केवल आर्थिक बोझ को कम करते हैं, बल्कि इस्लामिक सिद्धांतों के अनुरूप सादगीपूर्ण विवाह को बढ़ावा भी देते हैं।
शाह सकलैन एकेडमी द्वारा सभी नवविवाहित जोड़ों को घरेलू उपयोग का आवश्यक सामान भी भेंट किया गया, जिससे वे अपने नए जीवन की शुरुआत सम्मानपूर्वक कर सकें। इस पहल को समाज के विभिन्न वर्गों ने सराहा और इसे जरूरतमंद परिवारों के लिए एक बड़ी राहत बताया। इस आयोजन में बरेली और मुंबई सहित विभिन्न स्थानों से आए गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही। दरगाह शाह शराफत मियां के सज्जादानशीन गाजी मियां ने भी नवदंपतियों के लिए विशेष दुआएं कीं।
आयोजन से जुड़े हाजी आमिर हुसैन सकलानी, डॉ. यूनुस सकलानी और रजाउद्दीन ने बताया कि शाह सकलैन एकेडमी हर वर्ष इस तरह के सामूहिक निकाह का आयोजन करती है और भविष्य में भी इस परंपरा को जारी रखा जाएगा, ताकि समाज में समानता, सहयोग और सादगी को बढ़ावा मिल सके।
कार्यक्रम में अब्दुल सलाम अंसारी, डायरेक्टर शराफत अंसारी सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे।
यह सामूहिक निकाह समारोह सामाजिक एकजुटता, धार्मिक मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आया, जिसने समाज को एक सकारात्मक दिशा में सोचने के लिए प्रेरित किया@जफर-INN
