मुरादाबाद। मुरादाबाद ऑब्सटेट्रिक्स एंड गाइनेकोलॉजिकल समिति ने राष्ट्रीय संगठन फॉक्सी (FOGSI) के सहयोग से समय से पूर्व जन्म लेने वाले बच्चों (प्री-टर्म बेबी) के विषय में एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक चर्चा एवं अध्ययन सत्र आयोजित किया। इस पहल को ‘प्रोजेक्ट अधुना’ नाम दिया गया है, जिसका उद्देश्य मातृ एवं नवजात शिशु देखभाल को साक्ष्य-आधारित (एविडेंस बेस्ड) दृष्टिकोण के माध्यम से सुदृढ़ करना है।
कार्यक्रम में बाहर से आई वरिष्ठ विशेषज्ञ चिकित्सकों डॉ. अर्चना वर्मा और डॉ. ईशा खानुजा ने अपने अनुभव साझा किए। वहीं शहर की प्रमुख महिला चिकित्सकों में डॉ. अर्चना अग्रवाल, डॉ. रेखा अग्रवाल, डॉ. पद्माजा गुप्ता, डॉ. अनीता रस्तोगी, डॉ. पायल पुरी, डॉ. शरद, डॉ. सुदीप कौर, डॉ. के. जी. गुप्ता, डॉ. प्रीति गुप्ता, डॉ. शेफाली सिंह, डॉ. बबीता गुप्ता सहित अनेक विशेषज्ञ मौजूद रहे।
इस गहन चर्चा में प्रमुख रूप से तीन बिंदुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया :
- समय से पहले होने वाली डिलीवरी को कैसे रोका जाए
- यदि प्री-टर्म डिलीवरी हो जाए तो किन सावधानियों का पालन किया जाए
- कम वजन एवं समय से पूर्व जन्मे शिशुओं की बेहतर देखभाल कैसे सुनिश्चित की जाए
कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि इसमें केवल डॉक्टर ही नहीं, बल्कि नर्सिंग स्टाफ और पैरामेडिकल टीम को भी शामिल किया गया, जिससे समग्र स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर बल दिया गया।
इस परियोजना के सफल आयोजन में समिति की प्रेसिडेंट डॉ. रितिका अग्रवाल, सेक्रेटरी डॉ. सोनम रस्तोगी और कोषाध्यक्ष डॉ. ऋचा अग्रवाल का विशेष योगदान रहा।
बैठक के दौरान सभी चिकित्सकों ने आगामी मदर्स डे के उपलक्ष्य में एक-दूसरे को शुभकामनाएं भी दीं।
इसी अवसर पर मुरादाबाद समिति द्वारा एक अन्य पहल ‘प्रोजेक्ट वामिका’ का भी शुभारंभ किया गया। यह प्रोजेक्ट महिलाओं के मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के उद्देश्य से संचालित किया जाएगा, जिसकी निगरानी वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. प्रगति गुप्ता करेंगी।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि ‘प्रोजेक्ट अधुना’ और ‘प्रोजेक्ट वामिका’ जैसे प्रयास जिले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
