मुरादाबाद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पर्यावरण संरक्षण, फिट इंडिया अभियान और ईंधन बचत को लेकर की गई अपील का असर अब प्रशासनिक तंत्र में भी दिखाई देने लगा है। मुरादाबाद मंडल के मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह ने गुरुवार को साइकिल से कार्यालय पहुंचकर एक नई पहल की शुरुआत की। उनके इस कदम ने न केवल अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रेरित किया, बल्कि आमजन के बीच भी सकारात्मक संदेश पहुंचाया।
सुबह जब मंडलायुक्त साइकिल चलाते हुए कार्यालय पहुंचे तो वहां मौजूद अधिकारी, कर्मचारी और आम नागरिक इस अनूठी पहल को देखकर उत्साहित नजर आए। मंडलायुक्त ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण, ट्रैफिक और ईंधन की खपत को देखते हुए अब समय आ गया है कि हम सभी अपने दैनिक जीवन में छोटे-छोटे बदलाव करें। साइकिल का उपयोग न केवल पर्यावरण के लिए लाभकारी है, बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए भी बेहद उपयोगी है।

उन्होंने घोषणा की कि अब सप्ताह में एक दिन मंडल स्तर के सभी अधिकारी और कर्मचारी साइकिल से कार्यालय आएंगे। इस पहल का उद्देश्य लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना, कार्बन उत्सर्जन कम करना और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना है।
मंडलायुक्त ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी लगातार “फिट इंडिया”, “स्वच्छ भारत” और “पर्यावरण संरक्षण” जैसे अभियानों के माध्यम से देशवासियों को जागरूक कर रहे हैं। यदि अधिकारी स्वयं उदाहरण प्रस्तुत करेंगे तो समाज में उसका व्यापक प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि वे इस अभियान को केवल औपचारिकता न मानें, बल्कि इसे जनआंदोलन का स्वरूप दें।
कार्यालय परिसर में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी मंडलायुक्त की इस पहल की सराहना की। कई कर्मचारियों ने कहा कि यदि प्रशासनिक अधिकारी स्वयं इस तरह की पहल करेंगे तो आम लोग भी निश्चित रूप से प्रेरित होंगे। शहर में भी इस कदम की चर्चा रही और लोगों ने इसे पर्यावरण और स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदार प्रशासनिक सोच बताया।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सप्ताह में एक दिन भी बड़ी संख्या में लोग साइकिल का प्रयोग करें तो प्रदूषण और ईंधन खपत में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है। साथ ही इससे लोगों की शारीरिक सक्रियता बढ़ेगी और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में भी कमी आएगी।
मंडलायुक्त की यह पहल ऐसे समय में सामने आई है जब देशभर में जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण और बढ़ती ईंधन खपत को लेकर गंभीर चिंताएं व्यक्त की जा रही हैं। ऐसे में प्रशासनिक स्तर पर उठाया गया यह कदम एक सकारात्मक और प्रेरणादायी संदेश माना जा रहा है।
