पीएम मोदी ने नीदरलैंड के द हेग में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए भारत की लोकतांत्रिक ताकत, तकनीकी प्रगति और वैश्विक महत्वाकांक्षाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वहां मौजूद भारतीयों का उत्साह ऐसा था मानो वे भारत के किसी बड़े उत्सव में शामिल हों। प्रधानमंत्री ने 16 मई 2014 को लोकसभा चुनाव परिणामों के जरिए देश में पूर्ण बहुमत वाली स्थिर सरकार बनने की याद भी साझा की और इसे लोकतंत्र में जनता के भरोसे की सबसे बड़ी ताकत बताया।
प्रधानमंत्री ने अपने 13 वर्षों के मुख्यमंत्री और 12 वर्षों के प्रधानमंत्री कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि करोड़ों लोगों का लगातार समर्थन उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि देशवासियों का विश्वास ही उन्हें निरंतर काम करने की प्रेरणा देता है और उनका जीवन राष्ट्रसेवा को समर्पित है।
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि विकसित भारत के लिए बड़े सपने और तेज़ गति से काम करना जरूरी है। उन्होंने बताया कि भारत आज स्टार्टअप, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है और अब ओलंपिक की मेजबानी से लेकर ग्रीन एनर्जी और वैश्विक विकास इंजन बनने तक के लक्ष्य तय कर रहा है।
उन्होंने कहा कि भारत ने दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल पेमेंट और यूनिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम तैयार किया है। देश में रिकॉर्ड स्तर पर हाईवे, मेट्रो नेटवर्क, एक्सप्रेसवे और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं पर काम हो रहा है। प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत अब मोबाइल फोन आयातक से दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्यातक देश बन चुका है।
पीएम मोदी ने कहा कि 2025 में भारत में लाखों नए स्टार्टअप शुरू हुए हैं और सेमीकंडक्टर निर्माण के क्षेत्र में भी तेजी से काम हो रहा है। उन्होंने बताया कि देश में 12 सेमीकंडक्टर प्लांट पर काम जारी है, जिनमें से दो में उत्पादन शुरू हो चुका है।
वैश्विक चुनौतियों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कोविड महामारी, युद्ध और ऊर्जा संकट ने दुनिया को नई चुनौतियों के सामने खड़ा किया है। ऐसे समय में भारत और नीदरलैंड मिलकर भरोसेमंद और भविष्य के लिए तैयार सप्लाई चेन विकसित करने की दिशा में काम कर रहे हैं।
