निजी अस्पतालों की मनमानी फीस और कथित अवैध वसूली के खिलाफ प्रदर्शन
पुलिस और किसान यूनियन पदाधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक
8 दिन में कार्रवाई न होने पर भूख हड़ताल और बड़े आंदोलन की चेतावनी
मुरादाबाद। जनपद में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं और निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली को लेकर मंगलवार को उस समय माहौल गरमा गया, जब भारतीय किसान यूनियन अंबेडकर के कार्यकर्ताओं ने मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) कार्यालय पर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य विभाग और निजी अस्पतालों के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए भ्रष्टाचार, अवैध वसूली और मरीजों के शोषण के गंभीर आरोप लगाए।

प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई और किसान यूनियन पदाधिकारियों की पुलिसकर्मियों से तीखी नोकझोंक भी हुई। सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना प्रभारी मनीष सक्सेना पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस की मौजूदगी में काफी देर तक हंगामा चलता रहा।

भारतीय किसान यूनियन अंबेडकर के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय भाटी ने आरोप लगाया कि जिले के कई निजी अस्पताल मरीजों से मनमानी फीस वसूल रहे हैं और इलाज के नाम पर आर्थिक शोषण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर मरीजों को दवाइयों के साल्ट नाम लिखने के बजाय कंपनियों के ब्रांड नाम लिखते हैं, जिससे मरीजों को मजबूरी में महंगी दवाइयां खरीदनी पड़ती हैं। इससे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।

उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कुछ ACMO और CMO स्तर के अधिकारी लंबे समय से एक ही जिले में तैनात हैं, जिससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है। संगठन ने आरोप लगाया कि विभागीय मिलीभगत के कारण निजी अस्पतालों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की जाती।

प्रदर्शन के दौरान किसान यूनियन कार्यकर्ताओं ने एसीएमओ को ज्ञापन सौंपकर निजी अस्पतालों की जांच, कथित अवैध वसूली पर कार्रवाई और स्वास्थ्य विभाग में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि आठ दिन के भीतर ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो किसान यूनियन भूख हड़ताल शुरू करेगी और जिले स्तर पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

धरना-प्रदर्शन को देखते हुए CMO कार्यालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाकर शांत कराया। वहीं स्वास्थ्य विभाग की ओर से ज्ञापन पर नियमानुसार जांच और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
