अमरोहा। उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले से एक बेहद हृदयविदारक खबर सामने आई है, जहां गजरौला थाना क्षेत्र के अंतर्गत नेशनल हाईवे-9 पर मंगलवार देर रात हुए एक भीषण सड़क हादसे में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा दिल्ली-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर खियालीपुर ढाल के पास उस समय हुआ जब एक तेज रफ्तार वैगनआर कार सड़क पर आगे चल रहे किसी अज्ञात वाहन से पीछे से जा टकराई। टक्कर इतनी भयावह थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और मौके पर चीख-पुकार मच गई।

बताया जा रहा है कि वैगनआर कार के चालक को अचानक नींद की झपकी आने की वजह से यह हादसा हुआ। टक्कर की आवाज इतनी जोरदार थी कि आसपास के लोग सहम गए और घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और कार में फंसे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन तब तक चार लोगों की सांसें थम चुकी थीं।

मृतकों में नसीमुल, हासिम और मासूक शामिल हैं, जो पश्चिम बंगाल के मालदा के रहने वाले बताए जा रहे हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक मृतकों की शिनाख्त कार चालक मोहम्मद सलमान(27) निवासी बमनपुरी गेट पंखेवालान रामपुर, हसनैन निवासी दरियापुर मालदा टाउन पश्चिम बंगाल तथा समरतुल निवासी कालियाचक मालदा टाउन पश्चिम बंगाल के रूप में हुई है। जबकि चौथे की शिनाख्त का प्रयास जारी है।

घायल बेहोशी की हालत में हैं। उनकी शिनाख्त का भी प्रयास किया जा रहा। हादसे की चपेट में आए सभी युवाओं की उम्र लगभग 25- 26 बताई जा रही है। सभी बरेली घूमने के बाद ट्रेन में रिजर्वेशन नहीं मिलने की वजह से रामपुर से टैक्सी बुक कर वाया दिल्ली, बनारस जाने के लिए गजरौला से गुजर रहे थे कि हादसा हो गया। उक्त सभी बनारस स्थित मदरसे में हाफ़िज़ की पढ़ाई कर रहे थे।

सूचना मिलते ही 112 डायल पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर चारों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया।
हादसे की ख़बर पर जिलाधिकारी डॉ. नितिन गौड़ चौधरपुर स्थित अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने घायल मोहम्मद हसनैन और सुन्नतुल इस्लाम का हालचाल जाना। जिलाधिकारी ने डॉक्टरों से घायलों के उपचार के संबंध में विस्तार से चर्चा की और उन्हें समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के कड़े निर्देश दिए।
वहीं दूसरी ओर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस हादसे पर गहरा दुख प्रकट किया है। उन्होंने मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए अधिकारियों को घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए हैं।
हालांकि, घटनास्थल पर मौजूद कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर नाराजगी भी जाहिर की। उनका आरोप है कि हादसा सुबह तड़के चार बजे हुआ, लेकिन थाना प्रभारी और स्थानीय पुलिस क्षेत्राधिकारी काफी देर से मौके पर पहुंचे। फिलहाल पुलिस ने अज्ञात वाहन की तलाश और मामले की वैधानिक जांच शुरू कर दी है। इस हादसे ने एक बार फिर हाईवे पर तेज रफ्तार और लापरवाही के खतरों को उजागर कर दिया है।
