नाबालिग से दुष्कर्म मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे स्वयंभू धर्मगुरु आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट से फिर राहत मिली है। कोर्ट ने मेडिकल आधार पर मिली उनकी अंतरिम जमानत 7 जुलाई 2026 तक बढ़ा दी है। हालांकि अदालत ने साफ कहा है कि यदि इससे पहले उनकी अपील पर फैसला आ जाता है, तो वही आदेश मान्य होगा।
मामले की सुनवाई एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस की खंडपीठ ने की। बचाव पक्ष ने दलील दी कि आसाराम बढ़ती उम्र और कई गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं, इसलिए इलाज के मद्देनजर जमानत बढ़ाना जरूरी है। वहीं राज्य सरकार ने कहा कि जेल प्रशासन की ओर से उन्हें पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं दी जा रही हैं।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने अंतरिम जमानत बढ़ाने का फैसला सुनाया। कोर्ट ने शर्त रखी कि आसाराम किसी धार्मिक कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लेंगे, भीड़ इकट्ठा नहीं करेंगे और देश से बाहर नहीं जा सकेंगे।
गौरतलब है कि आसाराम 2013 से जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं। साल 2018 में विशेष अदालत ने उन्हें नाबालिग से दुष्कर्म मामले में दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। उनकी सजा के खिलाफ दायर अपील फिलहाल राजस्थान हाईकोर्ट में लंबित है।
