लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस महकमे में जल्द बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिल सकता है। प्रदेश पुलिस सेवा (PPS) के 29 अधिकारियों को भारतीय पुलिस सेवा (IPS) कैडर में प्रोन्नत किए जाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। इसके लिए रिक्त पदों के सापेक्ष तीन गुना अधिक अधिकारियों के नाम संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) को भेज दिए गए हैं। यदि आयोग की ओर से प्रस्ताव पर कोई आपत्ति नहीं जताई जाती है, तो अगले महीने तक प्रदेश को 29 नए प्रमोटेड आईपीएस अधिकारी मिल सकते हैं।
जानकारी के अनुसार वर्ष 2026 की 29 रिक्तियों पर पीपीएस से आईपीएस कैडर में पदोन्नति की कार्यवाही की जा रही है। डीजीपी मुख्यालय और राज्य शासन की ओर से प्रस्ताव तैयार कर संघ लोक सेवा आयोग को भेजा गया है। आयोग अब संबंधित अधिकारियों की सेवा पुस्तिका, गोपनीय आख्या, वरिष्ठता, कार्यप्रणाली तथा उनके खिलाफ लंबित जांच या शिकायतों का परीक्षण करेगा।

इसके बाद आयोग द्वारा विभागीय प्रोन्नति समिति (DPC) की बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में यूपीएससी अधिकारियों के अलावा मुख्य सचिव, डीजीपी और अपर मुख्य सचिव गृह भी शामिल होंगे। डीपीसी की संस्तुति के आधार पर अंतिम सूची तैयार होगी, जिसके बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से आईपीएस कैडर में प्रोन्नति का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक वर्ष 1998, 1999 और 2000 बैच के अधिकारियों की पदोन्नति पर मुख्य रूप से विचार किया जाना है। हालांकि तीन गुना नाम भेजने की अनिवार्यता के चलते वर्ष 2001 बैच के कुछ अधिकारियों के नाम भी प्रस्ताव में शामिल किए गए हैं।
जिन अधिकारियों के नामों पर विचार होना है, उनमें शोएब इकबाल, सत्यपाल सिंह, राहुल मिठास, आलोक कुमार शर्मा, राजकुमार, महेश सिंह अत्री, विनीत भटनागर, दीपिका अग्निहोत्री, जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव, शशि शेखर सिंह, कुलदीप सिंह, ज्ञानेंद्र नाथ प्रसाद, हरेंद्र प्रताप यादव, रफीक अहमद, बंशराज सिंह यादव, डॉ. कृष्ण गोपाल, मधुवन कुमार सिंह, कपिल देव सिंह, बलवंत कुमार चौधरी, राहुल श्रीवास्तव, राजेश कुमार पांडेय, प्रीति बाला गुप्ता, विकास चंद्र त्रिपाठी, पूर्णेंदु सिंह, हरेंद्र कुमार, मार्तण्ड प्रताप सिंह, अभय नाथ त्रिपाठी, पवित्र मोहन त्रिपाठी, देवेश कुमार शर्मा, प्रशांत कुमार प्रसाद, डॉ. अरविंद कुमार, सिद्धार्थ वर्मा, विनय चंद्रा, राजेश कुमार भारतीय, शुभ्रा भास्कर और प्रवीण सिंह चौहान शामिल हैं।
पुलिस विभाग में इन पदोन्नतियों को लेकर लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था। माना जा रहा है कि प्रमोशन के बाद कई जिलों और महत्वपूर्ण इकाइयों में नेतृत्व स्तर पर बदलाव भी देखने को मिल सकता है।
