मुरादाबाद। शहर के चर्चित कोचिंग संस्थान स्कॉलर डेन और उसके संचालक विवेक ठाकुर की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। पहले से दर्ज धोखाधड़ी के मुकदमे के बाद अब उनके खिलाफ एक और गंभीर मामला सामने आया है। कटघर क्षेत्र की एक सिक्योरिटी एजेंसी संचालिका की शिकायत पर थाना कटघर में लगभग 35 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी और भुगतान न करने के आरोप में नई एफआईआर दर्ज की गई है।
शिकायतकर्ता रमा भारद्वाज ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि उनकी फर्म ने वर्ष 2018 से विवेक ठाकुर के संस्थान को सुरक्षा गार्ड और हाउसकीपिंग स्टाफ उपलब्ध कराया था। वर्षों तक सेवाएं लेने के बावजूद संस्थान प्रबंधन ने 33,53,414 रुपये से अधिक की बकाया राशि का भुगतान नहीं किया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि भुगतान मांगने पर टालमटोल की गई और बाद में कथित रूप से धमकियां भी दी गईं।

प्रार्थना पत्र के अनुसार कई बार मौखिक और अन्य माध्यमों से बकाया धनराशि मांगी गई, लेकिन भुगतान नहीं किया गया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि जब उन्होंने कर्मचारियों को हटाने की बात कही तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने और कानूनी कार्रवाई करने पर भी भुगतान न करने की धमकी दी गई।
एक के बाद एक आरोपों से घिरा संस्थान
शहर में शिक्षा के क्षेत्र में पहचान बनाने वाले स्कॉलर डेन पर हाल के दिनों में विवादों का साया लगातार गहराता जा रहा है। कुछ समय पहले ही विवेक ठाकुर के खिलाफ कथित रूप से 10 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज हुआ था। अब दूसरी एफआईआर सामने आने के बाद संस्थान की कार्यप्रणाली पर नए सवाल खड़े हो गए हैं।

कानूनी जानकारों का कहना है कि यदि दोनों मामलों में आरोपों की पुष्टि होती है तो विवेक ठाकुर की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। पुलिस अब दोनों मामलों की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।

अवैध निर्माण पर भी कार्रवाई की तैयारी
विवाद केवल आर्थिक मामलों तक सीमित नहीं हैं। जानकारी के अनुसार मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (एमडीए) पहले ही स्कॉलर डेन के भवन को अवैध निर्माण मानते हुए सील करने के आदेश जारी कर चुका है। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि सीलिंग की कार्रवाई किसी भी समय अमल में लाई जा सकती है।
यदि ऐसा होता है तो संस्थान की शैक्षणिक गतिविधियों पर भी सीधा असर पड़ सकता है। छात्रों और अभिभावकों के बीच भी इस पूरे घटनाक्रम को लेकर चिंता बढ़ रही है।
बढ़ते विवादों ने खड़े किए सवाल
लगातार सामने आ रहे आरोपों और कानूनी कार्रवाइयों ने स्कॉलर डेन की छवि को गंभीर झटका पहुंचाया है। एक ओर करोड़ों के कारोबार वाले प्रतिष्ठान पर बकाया भुगतान रोकने के आरोप लग रहे हैं, वहीं दूसरी ओर भवन की वैधता को लेकर प्रशासनिक कार्रवाई की तलवार लटक रही है।
अब सबकी निगाहें पुलिस जांच और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि आरोप सही साबित होते हैं तो यह मामला केवल आर्थिक विवाद तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि शहर के शिक्षा जगत के सबसे चर्चित विवादों में शामिल हो सकता है।
