मुरादाबाद। कांठ रोड स्थित नई तहसील भवन के समीप संचालित स्कॉलर्स डेन कोचिंग इंस्टीट्यूट को लेकर विवादों का सिलसिला लगातार गहराता जा रहा है। अब संस्थान के संबंध में एक और गंभीर खुलासा सामने आया है। शिक्षा विभाग से जुड़े सूत्रों का दावा है कि जिस स्थान पर स्कॉलर्स डेन संचालित किया जा रहा है, वहां कोचिंग संस्थान चलाने के लिए आवश्यक विभागीय अनुमति उपलब्ध नहीं है। ऐसे में प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के बड़े-बड़े दावे करने वाला यह संस्थान नियमों को ताक पर रखकर संचालन करता दिखाई दे रहा है।
सूत्रों के अनुसार संस्थान के पास अग्निशमन विभाग (फायर ब्रिगेड) की अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC) भी नहीं है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की आवाजाही वाले इस संस्थान का संचालन किया जा रहा है, जिससे विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यदि किसी आपात स्थिति की घटना होती है तो उसके लिए जिम्मेदारी किसकी होगी, यह सवाल अब अभिभावकों के बीच भी चर्चा का विषय बनता जा रहा है।
पहले से दर्ज हैं लाखों के आर्थिक विवादों के मुकदमे
स्कॉलर्स डेन और उसके संचालक विवेक ठाकुर के खिलाफ पहले से ही आर्थिक लेनदेन से जुड़े गंभीर आरोपों के मामले दर्ज हैं। जानकारी के अनुसार सागर सिक्योरिटीज की संचालिका राम भारद्वाज ने लगभग 35 लाख रुपये का भुगतान न करने का आरोप लगाते हुए थाना कटघर में मुकदमा दर्ज कराया था।
वहीं मल्होत्रा ट्रेवल्स के संचालक सनी मल्होत्रा द्वारा भी विवेक ठाकुर के खिलाफ थाना सिविल लाइंस में एफआईआर दर्ज कराई गई है। आरोप है कि विभिन्न कार्यक्रमों और सेलिब्रिटी आयोजनों के लिए टिकट एवं यात्रा व्यवस्थाएं कराई गईं, लेकिन उनका भुगतान नहीं किया गया।
इन मामलों ने पहले ही संस्थान की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए थे, जबकि अब सामने आ रहे नए तथ्यों ने विवाद को और गहरा कर दिया है।
वेतन न मिलने पर कर्मचारियों का फूटा गुस्सा
शनिवार को संस्थान के बाहर उस समय हंगामे की स्थिति बन गई जब वहां कार्यरत सुरक्षा कर्मियों और अन्य कर्मचारियों ने वेतन एवं बकाया भुगतान की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने खुले तौर पर संस्थान प्रबंधन और संचालक के खिलाफ नाराजगी जताई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से उनका भुगतान लंबित है और बार-बार आश्वासन के बावजूद भी स्कॉलर डेन संस्थान द्वारा अटेंडेंस शीट को वेरीफाई कर सेवा प्रदाता कंपनी सागर सिक्योरिटीज को नहीं भेजा जा रहा है। हालांकि इस प्रदर्शन के बाद स्कॉलर डेन द्वारा अटेंडेंस शीट को सत्यापित कर सेवा प्रदाता कंपनी को भेजे जाने की खबर आई। इस प्रदर्शन ने संस्थान के भीतर चल रहे कथित वित्तीय संकट को भी सार्वजनिक कर दिया।
मुरादाबाद विकास प्राधिकरण की कार्रवाई ने बढ़ाई परेशानी
विवादों के बीच मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (एमडीए) भी संस्थान के खिलाफ सख्त रुख अपनाता दिखाई दे रहा है। प्राधिकरण द्वारा जिस भवन में स्कॉलर्स डेन संचालित हो रहा है, उसे नियमों के विपरीत बताते हुए सीलिंग की कार्रवाई के आदेश जारी किए जा चुके हैं।
सूत्रों का कहना है कि भवन के उपयोग और स्वीकृत मानचित्र को लेकर भी गंभीर आपत्तियां दर्ज की गई हैं। यदि सीलिंग की कार्रवाई अमल में आती है तो संस्थान के संचालन पर सीधा प्रभाव पड़ सकता है।
प्रतिष्ठा पर गहरा आघात, अभिभावकों में बढ़ी चिंता
एक समय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले प्रमुख संस्थानों में गिने जाने वाले स्कॉलर्स डेन के सामने अब एक के बाद एक विवाद खड़े होते जा रहे हैं। आर्थिक अनियमितताओं के आरोप, कर्मचारियों का विरोध, विभागीय अनुमतियों पर सवाल, फायर एनओसी का अभाव और प्राधिकरण की कार्रवाई ने संस्थान की साख को गंभीर नुकसान पहुंचाया है।
शिक्षा जगत से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि आरोपों में सच्चाई है तो यह मामला केवल नियमों के उल्लंघन का नहीं बल्कि छात्रों और अभिभावकों के भरोसे से जुड़े बड़े प्रश्न का विषय भी है। अब निगाहें प्रशासन, शिक्षा विभाग और संबंधित एजेंसियों की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं कि वे इन आरोपों और अनियमितताओं की जांच कर क्या कदम उठाते हैं। प्रकरण में तमाम प्रयासों के बावजूद भी स्कॉलर डेन संस्थान की ओर से कोई भी अपना पक्ष रखने को तैयार नहीं है।
सवाल जो जवाब मांग रहे हैं
क्या स्कॉलर्स डेन के पास कोचिंग संचालन की वैध अनुमति है?
क्या संस्थान के पास फायर विभाग की एनओसी उपलब्ध है?
छात्रों की सुरक्षा व्यवस्था का वास्तविक स्वरूप क्या है?
कर्मचारियों और सेवा प्रदाताओं के भुगतान विवादों का समाधान कब होगा?
एमडीए के सीलिंग आदेशों पर आगे क्या कार्रवाई होगी?
इन तमाम सवालों के बीच स्कॉलर्स डेन लगातार बढ़ते विवादों के केंद्र में आ गया है और आने वाले दिनों में यह मामला और अधिक चर्चा का विषय बन सकता है@शांतनु/INN
