मुरादाबाद। जिलाधिकारी डॉ. राजेन्द्र पैंसिया की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला पोषण समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें पोषण संबंधी योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी की अनुपस्थिति पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्हें स्पष्टीकरण नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला पोषण समिति की बैठकों में स्वास्थ्य विभाग एवं आईसीडीएस की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, ऐसे में वरिष्ठ अधिकारियों की अनुपस्थिति गंभीर लापरवाही की श्रेणी में आती है।
समीक्षा के दौरान बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) ठाकुरद्वारा के भी बैठक में अनुपस्थित पाए जाने पर जिलाधिकारी ने उन्हें स्पष्टीकरण नोटिस जारी करने के निर्देश दिए तथा उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई हेतु शासन को पत्र प्रेषित कराने के निर्देश डीपीओ को निर्देशित किया।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने पाया कि मुरादाबाद देहात परियोजना की प्रगति जनपद में सबसे खराब है। इस पर उन्होंने संबंधित सीडीपीओ को चेतावनी नोटिस जारी करने के निर्देश दिए तथा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने को कहा।
पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) की समीक्षा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि गंभीर अति कुपोषित बच्चों को योजना का अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि अधिकारियों एवं कर्मचारियों की लापरवाही तथा उदासीनता के कारण अति गंभीर कुपोषित बच्चों को उपचार एवं पोषण संबंधी महत्वपूर्ण सुविधाओं से जोड़ने में बाधा उत्पन्न हो रही है। उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसे सभी पात्र बच्चों की पहचान कर उन्हें तत्काल पोषण पुनर्वास केंद्रों से जोड़ा जाए।
जिलाधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) को निर्देशित किया कि विभागीय योजनाओं के जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने हेतु नियमित पर्यवेक्षण एवं मॉनिटरिंग की जाए तथा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
बैठक में आगामी 01 जुलाई से आंगनवाड़ी केंद्रों के संचालन के दृष्टिगत भी आवश्यक तैयारियों की समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते पूर्ण कर ली जाएं ताकि केंद्रों के संचालन के दौरान बच्चों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
उन्होंने कहा कि बच्चों एवं माताओं के पोषण स्तर में सुधार शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है तथा इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी सुश्री मृणाली अविनाश जोशी, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री आशुतोष राय, जिला पंचायत राज अधिकारी श्री आलोक कुमार शर्मा सहित अन्य अधिकारी गण मौजूद रहे@शांतनु/INN
