शुक्रवार को अयोध्या दो बड़े कारणों से चर्चा के केंद्र में है। एक ओर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राम मंदिर परिक्रमा मार्ग पर बने भव्य वैक्स म्यूजियम का उद्घाटन करेंगे, वहीं दूसरी ओर राम मंदिर के चढ़ावे, आभूषणों और दस्तावेजों से जुड़े कथित गड़बड़ी के मामले में एसआईटी की जांच लगातार तेज होती जा रही है। ऐसे में मुख्यमंत्री का यह दौरा सामान्य प्रशासनिक कार्यक्रम से कहीं अधिक महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री के अयोध्या आगमन के बीच एक और बात चर्चा का विषय बनी हुई है। राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय इस दौरान किसी सार्वजनिक मंच पर योगी आदित्यनाथ के साथ नजर नहीं आएंगे। हालांकि इसे लेकर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है, लेकिन जांच के मौजूदा घटनाक्रम को देखते हुए राजनीतिक और सामाजिक हलकों में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।
उधर, राम मंदिर चढ़ावा और आभूषण मामले की जांच अब अहम पड़ाव पर पहुंचती दिख रही है। एसआईटी लगातार पांचवें दिन भी अयोध्या में डेरा डाले हुए है और कई लोगों से पूछताछ का सिलसिला जारी है। सूत्रों के मुताबिक रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव को एक बार फिर पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। जांच एजेंसियां उसके पहले दिए गए बयानों का अब तक जुटाए गए दस्तावेजों से मिलान कर रही हैं ताकि किसी भी तरह के विरोधाभास को समझा जा सके।
सूत्र बताते हैं कि जांच अब किसी एक व्यक्ति या एक घटना तक सीमित नहीं रही। एसआईटी मंदिर से जुड़े सभी महत्वपूर्ण पक्षों की भूमिका को समझने की कोशिश कर रही है। इसी कारण दस्तावेजी साक्ष्यों पर विशेष जोर दिया जा रहा है। रजिस्टर, डिजिटल रिकॉर्ड, प्राप्ति पत्र और विभिन्न विभागों की फाइलों की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि तथ्यों की पुष्टि की जा सके।
फिलहाल जांच का सबसे अहम केंद्र मंदिर में वर्षों से प्राप्त हुए आभूषण और बहुमूल्य चढ़ावे हैं। जांच टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए सोने-चांदी और अन्य कीमती वस्तुओं का रिकॉर्ड किस तरह रखा गया, उसकी जिम्मेदारी किसके पास थी और वर्तमान में उनकी स्थिति क्या है। इसी को लेकर विभिन्न रिकॉर्ड का क्रॉस वेरिफिकेशन किया जा रहा है।
जांच का दायरा अब जमीन से जुड़े दस्तावेजों तक भी पहुंच चुका है। जानकारी के अनुसार कुछ भूमि खरीद से संबंधित फाइलें और पत्रावलियां भी एसआईटी ने मंगाई हैं। हालांकि अभी तक किसी तरह की अनियमितता की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जांच एजेंसी हर पहलू को खंगालने में जुटी हुई है ताकि पूरे प्रबंधन तंत्र की कार्यप्रणाली को समझा जा सके।
इस बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रामायण काल को आधुनिक तकनीक के जरिए जीवंत रूप देने वाले वैक्स म्यूजियम का उद्घाटन करेंगे। करीब 8 हजार वर्ग फीट क्षेत्र में फैले इस म्यूजियम को लगभग 7 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। यहां भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण, हनुमान, सुग्रीव और जटायु समेत रामायण के लगभग 50 प्रमुख पात्रों के मोम प्रतिरूप स्थापित किए गए हैं, जिन्हें बेहद आकर्षक और वास्तविक स्वरूप देने का प्रयास किया गया है।
हालांकि इस पूरे कार्यक्रम से ज्यादा नजरें मुख्यमंत्री की संभावित बैठकों पर टिकी हैं। अयोध्या में चर्चाएं हैं कि योगी आदित्यनाथ राम मंदिर से जुड़े कुछ अहम लोगों से अलग से मुलाकात कर सकते हैं। भले ही इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई हो, लेकिन जांच की गंभीरता को देखते हुए माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री पूरे मामले की जानकारी स्वयं लेना चाहेंगे। यही वजह है कि उनका यह दौरा राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
