अयोध्या के रुदौली विधानसभा क्षेत्र में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं चिकित्सालय समेत ₹378 करोड़ से अधिक की 126 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने वीरांगना झलकारी बाई की प्रतिमा का अनावरण भी किया।
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे और दान राशि को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर सख्त प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राम मंदिर के निर्माण के लिए 500 वर्षों तक संघर्ष किया गया है, इसलिए अयोध्या की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने का कोई भी प्रयास स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास चंदे में गड़बड़ी से जुड़ा कोई प्रमाण है तो वह उसे एसआईटी को सौंपे, सरकार निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग केवल अयोध्या और राम मंदिर को बदनाम करने की राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यही लोग पहले राम भक्तों पर गोलियां चलवाने और “जय श्रीराम” के उद्घोष पर लाठीचार्ज कराने का काम करते थे।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जांच पूरी होने तक किसी भी व्यक्ति को बिना तथ्यों के बयानबाजी नहीं करनी चाहिए और न ही किसी के चरित्र हनन का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यदि जांच में कोई दोषी पाया गया तो उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ट्रस्ट की मांग पर सरकार ने एसआईटी का गठन किया है और जल्द ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि बिना प्रमाण के अयोध्या की छवि धूमिल करने वाले तत्वों से सावधान रहें।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने राष्ट्रनायकों और वीरांगनाओं के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनकी वीरता और बलिदान नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उन्होंने बताया कि सरकार महारानी लक्ष्मीबाई, महारानी दुर्गावती, वीरांगना अवंतीबाई लोधी, झलकारी बाई और उदा देवी जैसी महान विभूतियों के सम्मान में कई योजनाएं संचालित कर रही है।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि वीरांगना अवंतीबाई लोधी, झलकारी बाई कोरी और वीरांगना उदा देवी पासी के नाम पर पीएसी की तीन नई बटालियन गठित की गई हैं। इन बटालियनों की विशेषता यह होगी कि इनमें केवल महिला अभ्यर्थियों की ही भर्ती की जाएगी।
