मुरादाबाद। कांठ रोड स्थित चर्चित स्कॉलर्स डेन कोचिंग संस्थान और उसके संचालक विवेक ठाकुर के खिलाफ उठ रहे विवाद थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। लगभग 50 लाख रुपये से अधिक की कथित धोखाधड़ी से संबंधित दो एफआईआर दर्ज होने के बाद अब संस्थान की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि संस्थान में कार्यरत सुरक्षा गार्ड और अन्य कर्मचारी भी सड़कों पर उतरकर संचालक के खिलाफ प्रदर्शन कर चुके हैं।
शहर के प्रबुद्ध नागरिकों और कानूनी विशेषज्ञों ने अब सीधे अभिभावकों को चेतावनी देते हुए कहा है कि वे अपने बच्चों के भविष्य से जुड़े फैसले भावनाओं या विज्ञापनों के आधार पर नहीं, बल्कि वास्तविक परिस्थितियों को देखकर लें।

वरिष्ठ अधिवक्ता विनय खन्ना ने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अनेक अभिभावक अपने बच्चों को वर्ष भर नियमित स्कूल भेजने के बजाय स्कूल समय में ही कोचिंग संस्थान भेज रहे हैं, जबकि संबंधित स्कूलों में उनकी उपस्थिति दर्ज दिखाई जाती है। यदि ऐसा हो रहा है तो यह केवल शैक्षिक अनियमितता नहीं, बल्कि कानून की दृष्टि से एक गंभीर मामला है।
विनय खन्ना का कहना है कि यदि किसी छात्र की वास्तविक उपस्थिति के बिना विद्यालयों में हाजिरी दर्ज की जा रही है तो यह पूरे सिस्टम की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ स्कूलों और इस कोचिंग संस्थान की कथित मिलीभगत से बच्चों की शिक्षा को व्यवसाय का माध्यम बना दिया गया है।
उन्होंने कहा कि अभिभावकों को यह समझना होगा कि केवल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के नाम पर बच्चों को नियमित शिक्षा से दूर करना उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ हो सकता है। उन्होंने दावा किया कि इस संबंध में शासन को पत्र लिखकर स्कॉलर्स डेन और उससे जुड़े संस्थानों की विस्तृत जांच तथा कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
खन्ना ने आरोप लगाया कि भ्रामक और आकर्षक विज्ञापनों के माध्यम से अभिभावकों को प्रभावित किया जा रहा है, जबकि पर्दे के पीछे शिक्षा व्यवस्था की मूल भावना को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। उनका कहना है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो इसमें शामिल सभी पक्षों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
इस बीच शहर में यह चर्चा भी तेज हो गई है कि आखिर शिक्षा के नाम पर चल रहे इस पूरे मॉडल की निष्पक्ष जांच कब होगी। अभिभावकों के बीच भी असमंजस की स्थिति है और वे अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित दिखाई दे रहे हैं।
फिलहाल, स्कॉलर्स डेन और उसके संचालक पर लगे आरोपों की जांच संबंधित एजेंसियों के स्तर पर विषय है, लेकिन लगातार सामने आ रहे विवादों ने संस्थान की साख और कार्यप्रणाली को कठघरे में खड़ा कर दिया है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन और शिक्षा विभाग इस पूरे मामले में क्या कदम उठाते हैं@शांतनु/INN
