संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने वर्तमान व्हाइट हाउस रोल और अमेरिका की वैश्विक ताकत पर जोर देते हुए भाषण दिया. ट्रंप ने सात युद्धों को रोकने का दावा करते हुए कहा कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान और इजरायल-ईरान के 12-दिन के युद्ध सहित सात “अंतहीन युद्धों” को समाप्त किया. उन्होंने कहा, “काश यह काम संयुक्त राष्ट्र करता, लेकिन मुझे करना पड़ा.” ट्रंप ने रूस-यूक्रेन युद्ध पर कहा कि नाटो देश अपने खिलाफ युद्ध को फंड कर रहे हैं.
उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा,”मुझे बिना टेलीप्रॉम्प्टर भाषण देने में कोई आपत्ति नहीं है क्योंकि यह काम नहीं कर रहा. जो भी इसे ऑपरेट कर रहा है, उसे बड़ी परेशानी होने वाली है.” ट्रंप ने अपने भाषण में अमेरिका की शक्ति और उपलब्धियों पर जोर देते हुए कहा कि अमेरिका के पास सबसे मजबूत अर्थव्यवस्था, सबसे मजबूत सीमाएं, सबसे मजबूत सैन्य बल, सबसे मजबूत मित्रताएं और सबसे मजबूत राष्ट्रीय भावना है. उन्होंने इसे “अमेरिका का गोल्डन एज” बताया. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान सात युद्धों को रोकने में सफलता पाई है.
राष्ट्रपति ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र के उद्देश्य पर भी सवाल उठाया और कहा कि संगठन अपनी पूरी क्षमता का इस्तेमाल नहीं कर रहा. उन्होंने कहा, “अधिकतर मामलों में, वे केवल सख्त शब्दों वाले पत्र लिखते हैं और उसका पालन नहीं करते. खाली शब्द युद्ध नहीं रोकते.”
