मुरादाबाद। प्रदेश सरकार द्वारा आगामी 1 जुलाई 2026 से प्रस्तावित ई-पंजीकरण (डिजिटल रजिस्ट्री) व्यवस्था को लेकर अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों, स्टांप विक्रेताओं और टाइपिस्टों में चिंता का माहौल है। इसी क्रम में मंगलवार को दि बार एसोसिएशन एंड लाइब्रेरी, मुरादाबाद तथा दस्तावेज लेखक एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से अपनी मांगों और आपत्तियों को लेकर एक ज्ञापन प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर के नाम सौंपा।

ज्ञापन मंत्री प्रतिनिधि एवं सुभासपा जिलाध्यक्ष रवि चौधरी को दिया गया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि डिजिटल रजिस्ट्री और ई-स्टांपिंग व्यवस्था लागू होने से वर्षों से इस कार्य से जुड़े हजारों अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों, स्टांप विक्रेताओं और टाइपिस्टों की आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने आशंका जताई कि नई व्यवस्था के कारण पारंपरिक रोजगार के अवसर सीमित हो जाएंगे।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों तथा तकनीकी जानकारी से वंचित लोगों को डिजिटल प्रक्रिया अपनाने में अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में बिना पर्याप्त तैयारी और व्यापक जनजागरूकता के इस व्यवस्था को लागू करना आम जनता के लिए परेशानी का कारण बन सकता है।
प्रतिनिधिमंडल ने सरकार से मांग की कि ई-पंजीकरण व्यवस्था लागू करने से पूर्व अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों और अन्य संबंधित पक्षों के साथ व्यापक संवाद स्थापित किया जाए तथा उनकी आपत्तियों और सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जाए। साथ ही डिजिटल स्टांपिंग, ऑनलाइन किरायानामा एवं पट्टा विलेख प्रक्रिया तथा प्रस्तावित “निबंधक मित्र” व्यवस्था पर भी पुनर्विचार करने की मांग उठाई गई।
ज्ञापन प्राप्त करने के बाद मंत्री प्रतिनिधि रवि चौधरी ने अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों को प्रमुखता के साथ मंत्री ओम प्रकाश राजभर तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार जनहित और रोजगार से जुड़े मुद्दों के प्रति संवेदनशील है तथा सभी पक्षों के हितों को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लेने का प्रयास करेगी।
इस दौरान बड़ी संख्या में अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक, स्टांप विक्रेता और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। वक्ताओं ने कहा कि तकनीकी प्रगति का स्वागत किया जाना चाहिए, लेकिन ऐसी व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए जो डिजिटल सुविधाओं के साथ-साथ रोजगार और आम नागरिकों के हितों की भी रक्षा कर सके।
कार्यक्रम में बार एसोसिएशन के महासचिव कपिल गुप्ता सहित अनेक अधिवक्ता एवं दस्तावेज लेखक उपस्थित रहे। वहीं सुभासपा की ओर से जिलाध्यक्ष रवि चौधरी, जिला प्रमुख महासचिव गौरव कुमार, महानगर प्रभारी अशोक सैनी, जिला उपाध्यक्ष डॉ. हनीफ, मोहित ठाकुर समेत अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने सरकार से संबंधित वर्ग की समस्याओं के शीघ्र समाधान की अपेक्षा जताई@जफर/INN
