मुरादाबाद। शहर के चर्चित स्कॉलर्स डेन कोचिंग संस्थान के संचालक विवेक ठाकुर की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। विभिन्न मीडिया संस्थानों, पत्रकारों एवं समाचार संगठनों की ओर से अधिवक्ता चंद्र मोहन खुगसाल के माध्यम से एक कड़ा विधिक नोटिस भेजा गया है, जिसमें सोशल मीडिया पर पत्रकारों और मीडिया संस्थानों के खिलाफ कथित रूप से की गई अपमानजनक एवं मानहानिकारक टिप्पणियों पर 48 घंटे के भीतर सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की गई है।
नोटिस में आरोप लगाया गया है कि कोचिंग संस्थान से जुड़े मामलों की तथ्यपरक समाचार कवरेज के बाद विवेक ठाकुर द्वारा सोशल मीडिया पर मीडिया संस्थानों और पत्रकारों को कथित रूप से “सुपारी मीडिया” कहकर संबोधित किया गया तथा ऐसी टिप्पणियां प्रसारित की गईं, जिनसे पत्रकारों की पेशेवर साख और मीडिया जगत की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है।
पत्रकारों की छवि धूमिल करने का आरोप
विधिक नोटिस में कहा गया है कि पत्रकार और मीडिया संस्थान जनहित से जुड़े मुद्दों को तथ्यात्मक रूप से जनता के सामने लाने का कार्य करते हैं। ऐसे में पूरे मीडिया समुदाय पर इस प्रकार की टिप्पणी करना न केवल पत्रकारों की गरिमा पर हमला है, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था के चौथे स्तंभ की विश्वसनीयता को भी प्रभावित करता है।
48 घंटे का अल्टीमेटम
नोटिस में विवेक ठाकुर को 48 घंटे के भीतर चार प्रमुख शर्तें पूरी करने को कहा गया है –
सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफी मांगें।
सोशल मीडिया से सभी कथित आपत्तिजनक पोस्ट, वीडियो और टिप्पणियां हटाएं।
“सुपारी मीडिया” संबंधी आरोपों के समर्थन में साक्ष्य प्रस्तुत करें या आरोप वापस लें।
भविष्य में पत्रकारों एवं मीडिया संस्थानों के खिलाफ ऐसी टिप्पणी न करने का लिखित आश्वासन दें।
50 करोड़ रुपये तक के मानहानि दावे की चेतावनी
नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि यदि निर्धारित समय सीमा में संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया तो संबंधित पत्रकार, मीडिया संस्थान एवं समाचार संगठन विवेक ठाकुर के खिलाफ दीवानी और आपराधिक मानहानि की कार्रवाई शुरू करेंगे। साथ ही प्रतिष्ठा को पहुंचे नुकसान, मानसिक प्रताड़ना और व्यावसायिक क्षति के आधार पर 50 करोड़ रुपये तक की क्षतिपूर्ति एवं मानहानि दावा याचिका दायर करने पर भी विचार किया जा रहा है।
मीडिया जगत में चर्चा का विषय बना मामला
पत्रकारों और मीडिया संस्थानों को लेकर कथित तौर पर की गई टिप्पणी के बाद यह मामला अब मीडिया जगत में चर्चा का विषय बन गया है। नोटिस को मीडिया समुदाय की प्रतिष्ठा की रक्षा के लिए उठाया गया बड़ा कदम माना जा रहा है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि विवेक ठाकुर 48 घंटे के भीतर इस नोटिस का क्या जवाब देते हैं और आगे यह मामला किस दिशा में बढ़ता है@शांतनु/INN
