मुरादाबाद। रजिस्ट्री कार्यालय में प्रस्तावित ई-पंजीकरण व्यवस्था, रजिस्ट्री प्रक्रिया में निजी कंपनियों की भागीदारी तथा निबंधन मित्र योजना के विरोध में अधिवक्ताओं का आंदोलन लगातार व्यापक होता जा रहा है। बुधवार को आंदोलन के दसवें दिन भी दि बार एसोसिएशन एंड लाइब्रेरी मुरादाबाद के नेतृत्व में अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक, स्टांप विक्रेता और टाइपिस्ट रजिस्ट्री कार्यालय परिसर में धरने पर डटे रहे। विरोध प्रदर्शन के चलते रजिस्ट्री से जुड़ा समस्त कार्य प्रभावित रहा और कार्यालय में सामान्य कामकाज नहीं हो सका।
धरने के दौरान विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दिया। महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हाजी जुनैद इकराम (बंटी) ने कहा कि अधिवक्ताओं की चिंताओं और मांगों को प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस विषय को व्यापक स्तर पर उठाकर संबंधित पक्षों के हितों की रक्षा का प्रयास किया जाएगा।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजीत पवार गुट) के प्रदेश संगठन महासचिव एवं प्रवक्ता सरदार भूपेंद्र सिंह सेठी एडवोकेट ने कहा कि आंदोलन से जुड़े मुद्दों को उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के संज्ञान में ला दिया है। उनका कहना था कि रजिस्ट्री व्यवस्था में प्रस्तावित बदलावों से जुड़े सभी पक्षों की बात सुनी जानी चाहिए और सरकार को इस विषय पर पुनर्विचार करना चाहिए।
आंदोलन को भारतीय किसान यूनियन (तोमर) का भी समर्थन मिला। संगठन के पदाधिकारी अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ धरना स्थल पहुंचे और अधिवक्ताओं के संघर्ष के प्रति एकजुटता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो किसान संगठन भी आंदोलन को और मजबूती देने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएगा।
मुरादाबाद देहात से विधायक हाजी नासिर कुरैशी ने भी धरना स्थल पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों और स्टांप विक्रेताओं की चिंताओं को उचित मंचों पर उठाया जाएगा और उनके हितों की अनदेखी नहीं होने दी जाएगी।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष आनंद मोहन गुप्ता ने कहा कि प्रस्तावित व्यवस्थाओं से पारंपरिक रूप से जुड़े लोगों की आजीविका प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार विवादित निर्णयों पर पुनर्विचार नहीं करती, तब तक विरोध जारी रहेगा।
महासचिव कपिल गुप्ता ने कहा कि आंदोलन को दस दिन पूरे होने के बावजूद अभी तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता समुदाय अपने सहयोगी संगठनों के साथ मिलकर आंदोलन को आगे भी जारी रखेगा और मांगों के समाधान तक पीछे नहीं हटेगा।
धरने में बड़ी संख्या में अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक, स्टांप विक्रेता, टाइपिस्ट तथा विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में आंदोलन को आगे बढ़ाने और मांगों के समाधान तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया@शांतनु/INN
