मुरादाबाद। लखनऊ में कोचिंग सेंटर से जुड़े दर्दनाक हादसे के बाद प्रदेशभर में शुरू हुए सुरक्षा और वैधता जांच अभियान का असर अब मुरादाबाद में भी साफ दिखाई देने लगा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के बाद प्रशासन और मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (एमडीए) ने अवैध रूप से संचालित शैक्षणिक संस्थानों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाते हुए बुधवार को शहर के विभिन्न क्षेत्रों में बड़ी कार्रवाई की।
एमडीए की टीम ने दोपहर बाद शहर के कांठ रोड, गोकुलदास रोड, लाइनपार और अन्य प्रमुख इलाकों में संयुक्त अभियान चलाकर 16 कोचिंग सेंटरों और कई लाइब्रेरी को सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान संस्थानों में मौजूद छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, स्टाफ को परिसर खाली कराया गया और उसके बाद भवनों को विधिवत सील कर दिया गया।
इन प्रमुख संस्थानों पर गिरी कार्रवाई की गाज
प्राधिकरण की जांच में कई संस्थान स्वीकृत मानचित्र के विपरीत संचालित पाए गए, जबकि कुछ के पास आवश्यक अनुमतियां और सुरक्षा संबंधी मानक पूरे नहीं थे। कार्रवाई की जद में आए प्रमुख संस्थानों में :

स्कॉलर्स डेन कोचिंग सेंटर, कांठ रोड
फिजिक्स वाला कोचिंग सेंटर, कांठ रोड
जेनेसिस कोचिंग सेंटर, पैंटालून्स के सामने

हॉवर्ड इंटरनेशनल कोचिंग सेंटर, गोकुलदास रोड
अनएकेडमी कोचिंग सेंटर, आशियाना क्षेत्र

प्रियांश प्रतियोगिता एकेडमी, प्रकाश नगर चौराहा
नमो स्टडीज, लाइनपार क्षेत्र
शामिल रहे।

इसके अलावा छात्रों के अध्ययन हेतु संचालित कई लाइब्रेरी भी कार्रवाई की जद में आ गईं। इनमें वंडर लाइब्रेरी, रमा लाइब्रेरी, सचिन लाइब्रेरी तथा गोकुलदास रोड क्षेत्र की दो अन्य लाइब्रेरी को भी सील कर दिया गया।

छात्रों और अभिभावकों में मचा हड़कंप
अचानक हुई इस कार्रवाई से संस्थान संचालकों के साथ-साथ छात्रों और अभिभावकों में भी हड़कंप मच गया। कई स्थानों पर छात्र कक्षाओं में अध्ययन कर रहे थे, जिन्हें प्रशासनिक टीम ने बाहर निकलवाया। कार्रवाई की सूचना फैलते ही अभिभावक भी संस्थानों के बाहर पहुंचने लगे।

प्राधिकरण अधिकारियों का कहना है कि अभियान का उद्देश्य किसी की शिक्षा बाधित करना नहीं, बल्कि ऐसे संस्थानों की पहचान करना है जो सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर छात्रों के जीवन को जोखिम में डाल रहे हैं।

भवन सुरक्षा और अग्नि सुरक्षा पर विशेष फोकस
सूत्रों के अनुसार जांच के दौरान भवनों की वैधता, स्वीकृत मानचित्र, पार्किंग व्यवस्था, आपातकालीन निकास मार्ग, अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता तथा अन्य सुरक्षा मानकों का परीक्षण किया गया। जिन संस्थानों में गंभीर कमियां पाई गईं, उनके खिलाफ तत्काल सीलिंग की कार्रवाई की गई।

प्रशासन का मानना है कि हाल के हादसों ने यह साबित कर दिया है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी भी समय बड़ी त्रासदी का कारण बन सकती है। इसलिए अब ऐसे मामलों में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

आगे भी जारी रहेगा अभियान
एमडीए अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान केवल शुरुआत है। शहर में संचालित कोचिंग सेंटरों, अस्पतालों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और अन्य संस्थानों की लगातार जांच की जाएगी। जो भी संस्थान बिना स्वीकृति, अवैध निर्माण या नियमों के उल्लंघन के साथ संचालित पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

नागरिकों और संस्थान संचालकों से अपील
प्राधिकरण ने भवन स्वामियों, कोचिंग संचालकों और अन्य संस्थान प्रबंधकों से अपील की है कि वे सभी वैधानिक अनुमतियां प्राप्त करने के बाद ही संचालन करें। साथ ही अग्निशमन विभाग की एनओसी, भवन सुरक्षा प्रमाणन और अन्य आवश्यक मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करें।
अधिकारियों का कहना है कि जनसुरक्षा सर्वोपरि है और छात्रों के जीवन से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों की अनदेखी को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा@शांतनु/INN
