मुरादाबाद। सील किए गए स्कॉलर्स डेन कोचिंग संस्थान के संचालक विवेक ठाकुर द्वारा सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावों को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। फेसबुक पर लगातार फायर NOC होने का दावा किया जा रहा है, जबकि उपलब्ध तथ्यों और विभागीय कार्रवाई ने इन दावों पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जानकारी के अनुसार अग्निशमन विभाग ने 18 जून को स्कॉलर्स डेन को नोटिस जारी किया था। इसके साथ ही विभाग की ओर से जिलाधिकारी को संस्थान के खिलाफ कार्रवाई और सीलिंग की संस्तुति भी की गई थी। ऐसे में प्रश्न उठ रहा है कि यदि संस्थान के पास पहले से वैध फायर NOC मौजूद थी तो फिर अग्निशमन विभाग को नोटिस जारी करने और कार्रवाई की सिफारिश करने की आवश्यकता क्यों पड़ी।
विवाद उस समय और गहरा गया जब यह जानकारी सामने आई कि स्कॉलर्स डेन संचालक विवेक ठाकुर ने हाल ही में अग्निशमन विभाग में फायर NOC के लिए चुपके से आवेदन किया है। सवाल उठ रहा है कि यदि विवेक ठाकुर के पास NOC पहले से मौजूद थी तो नई NOC के लिए आवेदन क्यों कर किया?

विवेक ठाकुर द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए जा रहे दस्तावेजों को लेकर भी चर्चा तेज है। आरोप है कि बुधवार को प्राधिकरण की स्कॉलर्स डेन को सील किए जाने की कार्रवाई के बाद, गुरुवार को अचानक से विवेक ठाकुर द्वारा फेसबुक पर जिस NOC को दिखा कर अपने पास एनओसी होने का दावा किया जा रहा है जा रहा है, उसमें संबंधित नाम और अन्य महत्वपूर्ण विवरण स्पष्ट रूप से प्रदर्शित नहीं किए जा रहे हैं। जिससे इससे दस्तावेज की प्रासंगिकता और वैधता को लेकर भी संदेह व्यक्त किया जा रहा है।
संस्थान में पूर्व में कार्य कर चुके एक फैकल्टी ने नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर दावा किया कि संचालक विवेक ठाकुर द्वारा छात्रों और अभिभावकों के समक्ष अत्यंत झूठ एवं भ्रामक पूर्ण प्रस्तुत किए जा रहे हैं और अभिभावकों को गुमराह किया जा रहा है। स्कॉलर्स डेन के इस पूर्व फैकल्टी ने बताया कि संचालक विवेक ठाकुर इस तरह की हरकतों के पुराने आदी हैं। झूठे प्रपत्र तैयार करना, लोगों के ऊपर झूठे आरोप लगाना, लोगों के पैसे ना देकर उन पर झूठे मुकदमे कायम कराना और दूसरों की छवि खराब करना उनके स्वभाव में है।
आलोचकों का आरोप है कि संचालक विवेक ठाकुर द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से झूठी, सत्य से परे और तथ्यहीन जानकारी प्रस्तुत कर वास्तविक तथ्यों से ध्यान भटकाने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही इस तरह का मैसेज देने की कोशिश की जा रही है, कि सरकार ने उनके संस्थान को बंद कर कर कोई बहुत बड़ा अपराध कर दिया है। लोग सोशल मीडिया पर इस संबंध में उलटे सीधे कमेंट भी कर रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि विवेक ठाकुर सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर सरकार की कार्रवाई के खिलाफ माहौल बनाने का प्रयास कर रहे हैं और लोगों को बेवजह भड़का रहे हैं।
चर्चा के केंद्र में ये सवाल
यदि फायर NOC थी तो 18 जून को अग्निशमन विभाग ने नोटिस क्यों जारी किया?
यदि NOC थी तो जिलाधिकारी को कार्रवाई और सीलिंग की संस्तुति क्यों भेजी गई?
यदि NOC पहले से मौजूद थी तो संचालक ने अब फायर NOC के लिए आवेदन क्यों किया?
सोशल मीडिया पर दिखाई जा रही NOC आखिर किसकी और किस उद्देश्य की है?
इन सवालों के जवाब सामने आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल स्कॉलर्स डेन प्रकरण में सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावों और विभागीय कार्रवाई के बीच दिखाई दे रहे विरोधाभास चर्चा का विषय बने हुए हैं@शांतनु/INN
