नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को चेक बाउंस से जुड़े मामले में दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की एकल पीठ ने उन्हें तीन महीने के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने इस मामले में अपना फैसला पहले सुरक्षित रख लिया था, जिसे अब सुनाया गया है।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौते की संभावना भी तलाशने की कोशिश की, लेकिन कोई सहमति नहीं बन सकी। इससे पहले कोर्ट ने राजपाल यादव को अंतरिम जमानत दी थी, जबकि उससे पहले उन्हें तत्काल सरेंडर करने का निर्देश दिया गया था। आदेश के बाद उन्होंने अदालत के निर्देशों का पालन करते हुए जेल में आत्मसमर्पण किया था।
यह मामला कड़कड़डूमा कोर्ट के उस फैसले से जुड़ा है, जिसमें राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा को चेक बाउंस के सात मामलों में दोषी ठहराया गया था। निचली अदालत ने राजपाल यादव पर कुल 1.60 करोड़ रुपये और उनकी पत्नी पर प्रति मामले 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। हालांकि जून 2024 में दिल्ली हाईकोर्ट ने उनकी सजा पर अंतरिम रोक लगा दी थी और कहा था कि वे आदतन अपराधी नहीं हैं।
मामले के अनुसार, मुरली प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड ने दावा किया था कि वर्ष 2010 में फिल्म ‘अता पता लापता’ को पूरा करने के लिए राजपाल यादव की कंपनी को 5 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी गई थी। समझौते के तहत यह राशि ब्याज सहित लौटाई जानी थी। बाद में कई बार समझौते का नवीनीकरण हुआ और अंतिम समझौते में करीब 11.10 करोड़ रुपये लौटाने पर सहमति बनी, लेकिन कंपनी तय समय पर भुगतान नहीं कर सकी।
वहीं, राजपाल यादव ने अदालत में अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि उन्होंने कंपनी से कोई कर्ज नहीं लिया, बल्कि यह निवेश का मामला था। हालांकि अदालत ने उनके इस तर्क को स्वीकार नहीं किया और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उन्हें चेक बाउंस का दोषी मानते हुए सजा बरकरार रखी।
