मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार की घोषणा के बाद जिले में राजनीतिक माहौल अचानक गरमा गया। पार्टी ने पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया है। इस फैसले से नाराज नरोत्तम मिश्रा के समर्थक बड़ी संख्या में सड़कों पर उतर आए और भाजपा कार्यालय के बाहर जमकर विरोध-प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान कई समर्थक भाजपा कार्यालय की छत पर चढ़ गए और जोरदार नारेबाजी की। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने अतिरिक्त बल तैनात किया और प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और समर्थकों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसके बाद कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया।
विरोध केवल भाजपा कार्यालय तक सीमित नहीं रहा। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर भी जाम लगा दिया, जिससे कई घंटों तक यातायात प्रभावित रहा। प्रशासन के मुताबिक करीब तीन हजार लोग प्रदर्शन में शामिल थे। पुलिस ने जब रास्ता खाली कराने का प्रयास किया तो कुछ प्रदर्शनकारियों ने पथराव कर दिया, जिसमें आधा दर्जन से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और हल्का बल प्रयोग भी करना पड़ा।
दतिया के जिलाधिकारी स्वप्निल वानखेड़े ने बताया कि लंबी मशक्कत के बाद राजमार्ग से जाम हटवाया गया और कानून व्यवस्था बहाल की गई। वहीं पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल ने कहा कि आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण प्रदर्शनकारियों को पहले शांतिपूर्वक समझाने की कोशिश की गई थी, लेकिन हिंसक घटनाओं के बाद कार्रवाई करनी पड़ी। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिंसा और सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उम्मीदवार बनाए गए आशुतोष तिवारी लंबे समय से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा संगठन से जुड़े रहे हैं। संगठन में सक्रिय भूमिका निभाने के कारण पार्टी नेतृत्व ने इस बार उन पर भरोसा जताया है। हालांकि उनके नाम की घोषणा से पहले ही जिला स्तर के कुछ नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने विरोध दर्ज कराते हुए पार्टी से इस्तीफा दे दिया था।
डॉ. नरोत्तम मिश्रा मध्य प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ और प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं। वे कई बार विधायक रह चुके हैं और राज्य सरकार में गृह, जनसंपर्क समेत कई अहम मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। हालांकि पिछले विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव कांग्रेस के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त होने के बाद कराया जा रहा है। बैंक धोखाधड़ी के एक मामले में तीन वर्ष की सजा मिलने के कारण उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त हो गई थी। चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार 30 जुलाई को मतदान होगा, जबकि 3 अगस्त को मतगणना कराई जाएगी। कांग्रेस ने अभी तक अपना उम्मीदवार घोषित नहीं किया है और जल्द नाम के ऐलान की संभावना जताई जा रही है।
