मुरादाबाद/भोजपुर। भोजपुर थाना क्षेत्र तथा आसपास के पहाड़ी इलाकों में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही मानसूनी बारिश का असर अब साफ तौर पर दिखाई देने लगा है। लगातार वर्षा के चलते ढेला नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। नदी का पानी गांव अक्का गनीमतनगर स्थित प्रसिद्ध ‘दमदम की पुलिया’ के ऊपर तक पहुंच गया है, जिससे क्षेत्र में सतर्कता का माहौल है और राहगीरों को आवागमन में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही तेज बारिश का पानी ढेला नदी में पहुंचने से नदी का बहाव तेज हो गया है। पुलिया पर पानी आने के कारण दोपहिया और छोटे वाहनों के चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि वर्षा का यही सिलसिला जारी रहा तो जलस्तर और बढ़ सकता है, जिससे आसपास के निचले इलाकों में भी असर पड़ने की संभावना बनी हुई है।

हालांकि, जहां बढ़ता जलस्तर लोगों के लिए सतर्कता का विषय बना हुआ है, वहीं दूसरी ओर इस मानसूनी बारिश ने किसानों के चेहरों पर मुस्कान बिखेर दी है। क्षेत्र के किसानों का कहना है कि लंबे समय से अच्छी बारिश का इंतजार था और अब हुई वर्षा धान की रोपाई तथा गन्ने की फसल के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। खेतों में पर्याप्त नमी आने से सिंचाई का खर्च भी कम होगा और फसलों की बढ़वार बेहतर होने की उम्मीद है।
किसानों का कहना है कि समय पर हुई यह बारिश धान की पौध को मजबूत करेगी, वहीं गन्ने की फसल में भी तेजी से विकास होगा। यदि आने वाले दिनों में भी इसी तरह संतुलित बारिश होती रही तो इस वर्ष कृषि उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिल सकती है।
लगातार दो दिनों से हो रही रिमझिम और तेज बारिश ने मौसम का मिजाज भी पूरी तरह बदल दिया है। पिछले कई दिनों से उमस और भीषण गर्मी से परेशान लोगों को अब बड़ी राहत मिली है। तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है, जिससे सुबह और शाम का मौसम सुहावना हो गया है। बाजारों, गांवों और कस्बों में लोग भी बदले मौसम का आनंद लेते नजर आए।

प्रशासन की ओर से भी लोगों से अपील की जा रही है कि नदी, नालों और पुल-पुलियों के ऊपर से बह रहे पानी को पार करने का जोखिम न उठाएं तथा बच्चों को जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रखें। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
बारिश ने जहां एक ओर प्रकृति को नई ताजगी दी है, वहीं किसानों के लिए बेहतर फसल की उम्मीद जगाई है। हालांकि बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन और स्थानीय लोगों की नजर अब ढेला नदी की स्थिति पर बनी हुई है।
मोहम्मद जफर की स्पेशल रिपोर्ट/INN
