केंद्र सरकार संसद के 20 जुलाई से शुरू होने वाले मानसून सत्र में एक अहम विधेयक पेश करने की तैयारी में है। प्रस्तावित बिल का उद्देश्य राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ को कानूनी संरक्षण देना है, ताकि इसके अपमान या गायन में जानबूझकर बाधा डालने पर सख्त कार्रवाई की जा सके। सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस विधेयक को सबसे पहले राज्यसभा में पेश कर सकते हैं।
प्रस्तावित कानून के तहत यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर ‘वंदे मातरम्’ का अपमान करता है, उसके गायन में व्यवधान डालता है या किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में राष्ट्रीय गीत के दौरान हंगामा कर उसे बाधित करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में अधिकतम तीन साल की जेल का प्रावधान रखा गया है। सरकार का कहना है कि जिस तरह राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ को कानूनी सम्मान प्राप्त है, उसी तरह राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ को भी समान सम्मान मिलना चाहिए।
सूत्रों के मुताबिक, इस विधेयक को लेकर सरकार सदन में अपने संख्याबल को लेकर पूरी तरह आश्वस्त है। आवश्यकता पड़ने पर विशेष बहुमत वाले विधेयकों के लिए भी पर्याप्त समर्थन मिलने का दावा किया जा रहा है। साथ ही, कुछ विपक्षी दलों से भी सरकार के संपर्क में होने की चर्चा है। बताया जा रहा है कि इस प्रस्ताव को हाल ही में केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी मिल चुकी है और संसद में पेश होने के बाद इस पर विस्तृत चर्चा होगी।
