मुरादाबाद। नगर निगम मुरादाबाद द्वारा विकसित ‘त्रिशूल भारतीय रक्षा संग्रहालय’ में बुधवार को राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और सैन्य गौरव का प्रेरणादायी संगम देखने को मिला। उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी, लखनऊ के वर्ष 2025 बैच के IAS प्रशिक्षु अधिकारियों, राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों तथा लगभग 100 NCC कैडेट्स ने संग्रहालय का शैक्षणिक एवं प्रेरणादायी भ्रमण किया। इस अवसर पर अधिकारियों ने भारतीय सेना के शौर्य, सैन्य इतिहास और आधुनिक रक्षा तकनीक को करीब से जाना।

भ्रमण के दौरान मेजर जनरल गौरव गौतम (वीएसएम), ब्रिगेडियर अमित उनियाल, कर्नल रघु पठानिया तथा लेफ्टिनेंट कर्नल सी.एस. भट्ट सहित कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी मौजूद रहे। उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों और कैडेट्स को भारतीय सेना की कार्यप्रणाली, युद्धक रणनीतियों तथा राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी।

नगर आयुक्त दिव्यांशु पटेल ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए संग्रहालय की परिकल्पना, उद्देश्य और विभिन्न दीर्घाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह संग्रहालय केवल सैन्य उपकरणों का प्रदर्शन स्थल नहीं, बल्कि नई पीढ़ी में राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और देशसेवा की भावना विकसित करने का एक सशक्त माध्यम है।
भ्रमण के दौरान प्रशिक्षु अधिकारियों और कैडेट्स ने मिग-27 लड़ाकू विमान, टी-55 युद्धक टैंक, वीटी-55 रिकवरी वाहन, आईएनएस विक्रांत की प्रतिकृति, युद्ध ट्रेंच, डोम थिएटर तथा अन्य सैन्य प्रदर्शनों का अवलोकन किया। आधुनिक रक्षा तकनीक और ऐतिहासिक सैन्य विरासत का यह जीवंत प्रदर्शन सभी के लिए आकर्षण का केंद्र रहा।


IAS प्रशिक्षु अधिकारियों ने संग्रहालय की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण भावी प्रशासकों को राष्ट्रीय सुरक्षा, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों को व्यावहारिक रूप से समझने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन और सेना के बीच बेहतर समन्वय के लिए ऐसे कार्यक्रम अत्यंत उपयोगी हैं।
भ्रमण के दौरान नगर निगम मुरादाबाद और भारतीय सेना तथा NCC के अधिकारियों के बीच भविष्य में प्रशासनिक प्रशिक्षुओं, NCC कैडेट्स और विद्यार्थियों के लिए नियमित शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम आयोजित करने पर भी सकारात्मक सहमति बनी। इसके लिए शीघ्र ही एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर लागू की जाएगी, ताकि अधिक से अधिक युवा भारतीय सैन्य इतिहास, राष्ट्रीय सुरक्षा और देशभक्ति की भावना से प्रेरित हो सकें।

यह भ्रमण प्रशासन, सेना और युवाओं के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जिससे भविष्य के प्रशासनिक अधिकारियों और विद्यार्थियों में नेतृत्व, अनुशासन तथा राष्ट्रसेवा की भावना और अधिक सुदृढ़ होगी@शांतनु/INN
