जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के चतरू क्षेत्र में शनिवार तड़के करीब 2:30 बजे बादल फटने की घटना से अफरा-तफरी मच गई। इसके बाद अचानक आई तेज़ बाढ़ ने इलाके में तबाही मचा दी, जिससे कई वाहन बह गए और कई व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचा। फिलहाल किसी के घायल होने या जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है।
स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन चतरू-किश्तवाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही रोक दी है। प्रशासनिक टीमें मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा ले रही हैं और नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने किश्तवाड़ के उपायुक्त पंकज कुमार शर्मा से बात की। शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक किसी भी तरह की जनहानि नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि जिन व्यापारिक प्रतिष्ठानों को नुकसान हुआ है, उन्हें नियमों के तहत उचित मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा।
उन्होंने यह भी बताया कि पिछले वर्ष चसोती क्षेत्र में हुई बादल फटने की घटना के बाद केंद्र सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने किश्तवाड़ और मछैल में अत्याधुनिक अर्ली वार्निंग सिस्टम (EWS) स्थापित किए हैं। वहीं, पाडर क्षेत्र में ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन (AWS) लगाने की प्रक्रिया भी जारी है, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं की बेहतर निगरानी की जा सके।
शोपियां में भारी बारिश से जलभराव
उधर, दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले के पहलपोरा इलाके में शनिवार सुबह हुई मूसलाधार बारिश के कारण कई घरों में पानी भर गया। अचानक हुए जलभराव से लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो गई और स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बन गया।
सूचना मिलते ही पुलिस और स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। प्रभावित परिवारों की मदद, जलनिकासी और नुकसान के आकलन का काम जारी है।
इस बीच सोशल मीडिया पर जलभराव की वजह बादल फटना बताए जाने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन प्रशासन ने ऐसी किसी भी बात की पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि जलभराव के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है और फिलहाल बादल फटने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
