संसद के मानसून सत्र में विपक्ष और सरकार के बीच गतिरोध लगातार बना हुआ है। जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई, पेलेट गन के कथित इस्तेमाल, अयोध्या राम मंदिर चढ़ावे में कथित हेराफेरी और जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर विपक्ष ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है।
बुधवार को नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और कई अन्य विपक्षी सांसदों ने प्रेरणा स्थल स्थित गांधी प्रतिमा से मकर द्वार तक मार्च निकाला। इस दौरान विपक्षी सांसदों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जंतर-मंतर की घटना पर संसद में जवाब देने की मांग की।
विपक्ष का सवाल है कि 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान पेलेट गन के इस्तेमाल की अनुमति किसने दी और इसके पीछे क्या कारण था। विपक्ष इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से सदन में जवाब चाहता है।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर भी विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा। प्रदर्शन के दौरान विपक्षी सांसदों ने प्रतीकात्मक तौर पर एक दान पेटी भी साथ रखी, जिसके जरिए उन्होंने मंदिर के चढ़ावे से जुड़े कथित विवाद को उठाया।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को सदन में आकर विपक्ष के सवालों का जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष चर्चा के लिए तैयार है और बातचीत के जरिए ही किसी मुद्दे का समाधान निकाला जा सकता है।
खड़गे ने यह भी कहा कि यदि गृह मंत्री सदन में आकर जवाब नहीं देते हैं तो इसे संसद की अवमानना के तौर पर देखा जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन सत्ता पक्ष चर्चा से बच रहा है।
