उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंबेडकरनगर में 706 करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत वाली 194 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी पर जमकर हमला बोला। सीएम योगी ने आरोप लगाया कि विपक्ष विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय विधानसभा की कार्यवाही बाधित कर रहा है।
अनुपूरक बजट को लेकर सपा पर निशाना
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार करीब 59 हजार करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट लेकर विधानसभा पहुंची थी। इसमें युवाओं, किसानों, महिलाओं और गरीबों के लिए कई योजनाओं का प्रावधान किया गया था। इसके अलावा सामाजिक न्याय से जुड़े महापुरुषों के सम्मान और उनके स्मारकों के विकास के लिए भी बजट में राशि रखी गई थी।
योगी आदित्यनाथ के मुताबिक महर्षि वाल्मीकि, संत रविदास, डॉ. भीमराव आंबेडकर और छत्रपति साहू जी महाराज से जुड़े स्मारकों, प्रतिमाओं, छतरियों और बाउंड्री वॉल के निर्माण के लिए भी प्रावधान किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा के हंगामे के कारण इन मुद्दों पर सदन में चर्चा नहीं हो सकी।
‘सपा को विकास और गरीबों की चिंता नहीं’
सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी पर विकास कार्यों को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सपा की सरकारों के दौरान युवाओं को उनकी योग्यता के आधार पर अवसर नहीं मिलते थे और भाई-भतीजावाद का बोलबाला था। उनके मुताबिक उस दौर में कई योग्य युवाओं को अपने अधिकारों से वंचित होना पड़ा।
योगी ने कहा कि मौजूदा सरकार युवाओं को पारदर्शी तरीके से रोजगार और अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि उसे गरीबों और प्रदेश के विकास से जुड़े मुद्दों में कोई दिलचस्पी नहीं है।
कानून व्यवस्था को लेकर भी हमला
मुख्यमंत्री ने सपा के पुराने शासनकाल को कानून व्यवस्था के मुद्दे पर भी घेरा। उन्होंने दावा किया कि उस समय प्रदेश के कई हिस्सों में अराजकता और दंगों की स्थिति बनी रहती थी। योगी ने आरोप लगाया कि दबंग और प्रभावशाली लोगों का असर थानों और तहसीलों तक देखने को मिलता था।
उन्होंने कहा कि सपा शासन के दौरान लोगों के बीच ऐसी धारणा बन गई थी कि पार्टी के झंडे वाली गाड़ी में बैठकर अवैध वसूली तक की जा सकती है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार ने कानून व्यवस्था को मजबूत किया है और प्रदेश में सुरक्षा का माहौल बेहतर हुआ है।
लोकतंत्र की तीन संस्थाओं का किया जिक्र
अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने लोकतंत्र की तीन प्रमुख संस्थाओं—विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका—का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि संविधान ने इन सभी के लिए अलग-अलग जिम्मेदारियां और सीमाएं तय की हैं।
मुख्यमंत्री के मुताबिक जब तीनों संस्थाएं अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियों के तहत बेहतर समन्वय के साथ काम करती हैं, तभी शासन व्यवस्था मजबूत होती है और विकास की रफ्तार तेज होती है।
