मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड सीमा से सटे मुरादाबाद के ग्रामीण इलाकों में पिछले करीब 20 दिनों से दहशत का कारण बने तेंदुओं के आतंक के बीच शनिवार को वन विभाग की टीम को बड़ी सफलता मिली। ठाकुरद्वारा कोतवाली क्षेत्र के जाफराबाद गांव में वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजड़े में शनिवार सुबह एक तेंदुआ फंस गया। वन विभाग ने इसे क्षेत्र में पकड़ा गया सातवां आदमखोर तेंदुआ बताया है। तेंदुए के पिंजड़े में कैद होने की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने राहत की सांस ली, हालांकि इलाके में अभी भी दहशत का माहौल बना हुआ है।
जाफराबाद और आसपास के गांवों में तेंदुए की लगातार मौजूदगी और हमलों की घटनाओं को देखते हुए वन विभाग की टीम ने यहां पिंजड़ा लगाया था। शनिवार सुबह तेंदुआ पिंजड़े में फंस गया। इसके बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तेंदुए को सुरक्षित तरीके से कब्जे में लिया।
3 अगस्त से शुरू हुआ हमलों का सिलसिला
मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा और आसपास के ग्रामीण इलाकों में तेंदुओं के हमलों का सिलसिला करीब 3 अगस्त से लगातार जारी है। इस दौरान तेंदुओं के हमलों में अब तक दो महिलाओं की मौत हो चुकी है, जबकि 20 से अधिक किसान घायल हुए हैं। घायलों में दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। लगातार हो रहे हमलों के कारण खेतों में काम करने वाले किसानों और ग्रामीणों में भय का माहौल है।

ग्रामीणों का कहना है कि खेतों और गांवों के आसपास लगातार तेंदुए दिखाई दे रहे हैं। कई स्थानों पर तेंदुओं की गतिविधियां सामने आने के बाद वन विभाग की टीमें लगातार कॉम्बिंग और निगरानी अभियान चला रही हैं।
करीब 50 गांवों में दहशत
उत्तराखंड की सीमा से लगे मुरादाबाद के करीब 50 गांवों में तेंदुओं की दहशत बनी हुई है। गन्ने और घने खेतों के कारण तेंदुओं को छिपने के लिए पर्याप्त स्थान मिल रहा है। यही वजह है कि ग्रामीणों को खेतों में जाने में भी डर लग रहा है।
तेंदुए के हमलों की घटनाओं के बाद वन विभाग की टीमें अलग-अलग संवेदनशील स्थानों पर पिंजड़े लगाने के साथ ही तेंदुओं की तलाश में अभियान चला रही हैं। कई इलाकों में ग्रामीणों को सतर्क रहने और अकेले खेतों की ओर न जाने की सलाह भी दी जा रही है।
महिला की मौत के बाद भड़का था ग्रामीणों का आक्रोश
पिछले सप्ताह तेंदुए के हमले में एक महिला की मौत के बाद ग्रामीणों का गुस्सा भी सामने आया था। आक्रोशित ग्रामीणों ने मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम पर पथराव कर दिया था। ग्रामीणों का आरोप था कि लगातार तेंदुओं के हमले के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
अब जाफराबाद में सातवें तेंदुए के पकड़े जाने से वन विभाग को बड़ी कामयाबी मिली है, लेकिन ग्रामीणों की चिंता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। क्षेत्र में अभी भी अन्य तेंदुओं की मौजूदगी की बात सामने आ रही है। ऐसे में ग्रामीणों की मांग है कि जब तक इलाके में घूम रहे सभी तेंदुओं को पकड़ नहीं लिया जाता, तब तक निगरानी और रेस्क्यू अभियान को और तेज किया जाए।
वन विभाग की इस कार्रवाई के बाद जाफराबाद समेत आसपास के गांवों में कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन लगातार सामने आ रही तेंदुओं की गतिविधियों के कारण ग्रामीण अभी भी पूरी तरह बेखौफ नहीं हो सके हैं@जफर/INN
