मुरादाबाद। जिलाधिकारी डॉ. राजेन्द्र पैंसिया के निर्देश पर जनपद में तेंदुओं के रेस्क्यू तथा मानव-तेंदुआ संघर्ष को न्यूनतम करने के लिए वन विभाग द्वारा लगातार प्रभावी एवं आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी डॉ. विनय कुमार सिंह ने बताया कि तेंदुआ प्रभावित एवं संवेदनशील क्षेत्रों में रेस्क्यू टीमों की तैनाती के साथ-साथ व्यापक जन-जागरूकता अभियान, गश्त और निगरानी की जा रही है।
उन्होंने बताया कि पीलीभीत टाइगर रिजर्व की ‘बाघ मित्र एक्सप्रेस’ टीम द्वारा वन विभाग के सहयोग से विभिन्न गांवों में लोगों को तेंदुए से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक किया गया। नया गांव, बहादुर नगर, प्राथमिक विद्यालय पाड़ला, लालपुर गोसाई, रामूवाला शेखू एवं पीपली अहीर में ग्रामीणों को खेतों में कार्य करते समय विशेष सावधानी बरतने तथा बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। लोगों को खेतों में काम करते समय गर्दन के चारों ओर मोटा कपड़ा लपेटकर रखने एवं आवश्यकतानुसार मुखौटे का उपयोग करने के संबंध में भी जागरूक किया गया।
तहसील ठाकुरद्वारा के तेंदुआ प्रभावित गांवों में रेस्क्यू टीम द्वारा लगातार गश्त की जा रही है। काजीपुरा, जोगीपुरा, गजरा आलम एवं कमलपुरी सहित संवेदनशील क्षेत्रों में थर्मल स्कैनिंग के माध्यम से निगरानी की गई।
21 अगस्त 2026 को भी वन विभाग के प्रचार-प्रसार वाहन के माध्यम से लाउडस्पीकर एवं जनसंपर्क के जरिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। बरदेड़ा, वजीदपुर, काजीपुरा, चन्द्रपुर गुलड़िया, वीरुबाला, अलियाबाद, पैयांदापुर, शेरपुर बहलीन, जोगीपुरा मझरा, मलकपुर सेमली एवं बलिया सहित विभिन्न गांवों में ग्रामीणों को तेंदुए से बचाव एवं सावधानियों के संबंध में जानकारी दी गई।
तेंदुआ रेस्क्यू के लिए तहसील ठाकुरद्वारा के संवेदनशील क्षेत्रों में कुल 19 ट्रैपिंग केज लगाए गए हैं। साथ ही लालपुर पीपलसाना गांव स्थित विश्नोई समाज की धर्मशाला में वन विभाग के स्टाफ के लिए कैंप कार्यालय स्थापित किया गया है। इस कैंप के माध्यम से आसपास के गांवों से तेंदुए की सूचना प्राप्त होते ही रेस्क्यू टीमों को तत्काल मौके पर भेजा जा रहा है@जफर/INN
