मुरादाबाद। जिले की तहसील मुरादाबाद के ग्राम रसूलपुर नगली में पिछले करीब 21 वर्षों से चल रही चकबंदी प्रक्रिया अब पूरी हो गई है। जिलाधिकारी/जिला उप संचालक चकबंदी डॉ. राजेन्द्र पैंसिया के कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में चकबंदी विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने प्रक्रिया को पूरा किया। चकबंदी पूरी होने के बाद ग्राम समाज की विभिन्न मदों में दर्ज भूमि के क्षेत्रफल में बड़ा अंतर सामने आया है।
जानकारी के अनुसार ग्राम रसूलपुर नगली को 5 फरवरी 2005 को चकबंदी प्रक्रिया में शामिल किया गया था। तहसील से प्राप्त खतौनी में ग्राम समाज की विभिन्न मदों का कुल क्षेत्रफल 6.8430 हेक्टेयर से अधिक था। चकबंदी के दौरान पुराने एवं त्रुटिपूर्ण इंद्राजों की जांच कर उन्हें निरस्त किया गया और नई चकबंदी खसरा-खतौनी के अनुसार विभिन्न मदों में भूमि का पुनर्निर्धारण किया गया।
6.8430 हेक्टेयर से बढ़कर 69.1640 हेक्टेयर हुआ क्षेत्रफल
चकबंदी के बाद ग्राम समाज की विभिन्न मदों में कुल 69.1640 हेक्टेयर भूमि दर्ज की गई। इस प्रकार आधार अभिलेखों के सापेक्ष ग्राम समाज की विभिन्न मदों में 62.3210 हेक्टेयर भूमि अधिक दर्ज हुई है।
अभिलेखों के अनुसार चकबंदी से पूर्व ग्राम समाज की भूमि में पुरानी परती 0.0400 हेक्टेयर, बंजर 0.0570 हेक्टेयर, तालाब 0.1130 हेक्टेयर, आबादी 1.0280 हेक्टेयर, रास्ता 0.7920 हेक्टेयर, कब्रिस्तान 0.1460 हेक्टेयर और रेत 4.6670 हेक्टेयर दर्ज थी। इन सभी मदों का कुल क्षेत्रफल 6.8430 हेक्टेयर था।
चकबंदी के बाद नई परती 3.3300 हेक्टेयर, पुरानी परती 0.0400, बंजर 0.0570, तालाब 0.1130, नाली 0.0060, नदी 4.2190, रामगंगा 0.8870, आबादी 3.0820, रास्ता 0.7920, मुख्य मार्ग 5.1880, चकमार्ग 7.2540, कब्रिस्तान 0.5180, श्मशान 0.2000, अम्बेडकर पार्क 0.2020 तथा रेत 43.2760 हेक्टेयर दर्ज की गई है।
नए अभिलेखों में भूमि की स्थिति हुई स्पष्ट
चकबंदी प्रक्रिया के दौरान ग्राम की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कब्रिस्तान, श्मशान, आबादी, रास्ता, मुख्य मार्ग, चकमार्ग, नदी, रामगंगा और अन्य सार्वजनिक उपयोग की मदों में भूमि को सुरक्षित एवं दर्ज किया गया। चकबंदी के बाद तैयार अभिलेखों में ग्राम समाज की भूमि का मदवार विवरण भी स्पष्ट रूप से दर्ज किया गया है।
चकबंदी के दौरान आधार वर्ष खतौनी के सापेक्ष ग्राम समाज की विभिन्न मदों में 62.3210 हेक्टेयर भूमि बढ़ी दर्ज की गई। अधिकारियों के अनुसार चकबंदी प्रक्रिया के पूरा होने से गांव के भूमि अभिलेख अधिक व्यवस्थित और स्पष्ट हुए हैं@जफर/INN
