उत्तर प्रदेश में 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाओं के लिए रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा शुरू कर दी गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा योजना’ का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने विशेष बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और अलग-अलग जिलों से आईं बुजुर्ग महिलाओं से बातचीत कर योजना के लाभों के बारे में जानकारी ली।
कार्यक्रम के दौरान उन्नाव से पहुंचीं नीता अवस्थी मुख्यमंत्री से बातचीत करते हुए भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि अब यात्रा के लिए परिवार के लोगों से पैसे मांगने की जरूरत नहीं होगी। मुफ्त बस सेवा से बुजुर्ग महिलाओं को रिश्तेदारों से मिलने, जरूरी कामों और अन्य यात्राओं में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के मुताबिक, महिलाओं की सुविधा के साथ उनकी सुरक्षा का भी ध्यान रखा गया है। रोडवेज बसों में GPS और पैनिक बटन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। योजना का लाभ लेने के लिए महिलाओं को आधार कार्ड या वोटर आईडी में से किसी एक पहचान पत्र को दिखाना होगा।
सरकार के अनुसार, प्रदेश में 60 वर्ष से अधिक उम्र की करीब एक करोड़ महिलाएं इस योजना के दायरे में आ सकती हैं। योजना पर सरकार हर महीने लगभग 22.50 करोड़ रुपये खर्च करेगी। अनुमान है कि प्रतिदिन 90 हजार से ज्यादा बुजुर्ग महिलाएं सरकारी रोडवेज बसों में मुफ्त सफर कर सकेंगी।
इस योजना को सामाजिक राहत के साथ राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है। इलाज, रिश्तेदारों से मुलाकात और धार्मिक यात्राओं के लिए बसों का इस्तेमाल करने वाली बुजुर्ग महिलाओं के परिवारों को भी इससे आर्थिक राहत मिल सकती है।
