मुरादाबाद। नई तहसील के समीप स्थित वासुदेव कॉम्प्लेक्स की सील गुरुवार शाम करीब 6 बजे खोल दी गई। मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (एमडीए) की ओर से 27 अगस्त को जारी आदेश के बाद सील खोलने की कार्रवाई की गई।
एमडीए के सचिव की ओर से जारी पत्र में संबंधित निर्माण स्थल को शर्तों के अधीन सीलमुक्त किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है। पत्र के अनुसार यह मामला वाद संख्या एम.यू.डी.ए./ए.एन.आई./2024/0001938 के अंतर्गत निर्माण स्थल को सीलमुक्त किए जाने से संबंधित है।

एमडीए ने सील खोलने की अनुमति देते हुए संबंधित पक्ष के सामने तीन प्रमुख शर्तें रखी हैं। पहली शर्त के तहत शमन शुल्क की मांग पत्र प्राप्त होने के एक सप्ताह के भीतर जमा करना होगा।
दूसरी शर्त के अनुसार वर्तमान निर्माण के अतिरिक्त कोई नया निर्माण नहीं किया जाएगा। भविष्य में कोई निर्माण कार्य एमडीए से मानचित्र स्वीकृत कराने के बाद स्वीकृत मानचित्र के अनुरूप ही किया जा सकेगा।
तीसरी शर्त में उत्तर प्रदेश के विकास प्राधिकरणों के लिए लागू मॉडल भवन निर्माण एवं विकास उपविधि तथा मॉडल जोनिंग रेगुलेशंस-2025 के मानकों का अनुपालन करना अनिवार्य किया गया है।
शर्तों का उल्लंघन हुआ तो फिर लगेगी सील
एमडीए ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि निर्धारित शर्तों का उल्लंघन होने की स्थिति में निर्माण को दोबारा सील कर दिया जाएगा। साथ ही निर्माण के विरुद्ध उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम-1973 की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।
एमडीए के आदेश के अनुपालन में गुरुवार शाम छह बजे वासुदेव कॉम्प्लेक्स की सील खोल दी गई। इसके साथ ही लंबे समय से सील पड़े इस निर्माण स्थल को लेकर चल रही कार्रवाई में फिलहाल नया अध्याय शुरू हो गया है। हालांकि आदेश में वासुदेव कॉम्प्लेक्स के उपयोग परिवर्तन के होने या ना होने का कोई उल्लेख नहीं किया गया है। अब कॉम्प्लेक्स में आगे होने वाली गतिविधियों पर एमडीए की शर्तों के अनुपालन को लेकर नजर रहेगी।
