महाराष्ट्र और दिल्ली में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत सोमवार, 31 अगस्त को प्रारूप मतदाता सूची जारी कर दी गई है। वोटर लिस्ट के सत्यापन और रिकॉर्ड के डिजिटाइजेशन की प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे मतदाता सामने आए हैं, जिनके नाम फिलहाल ड्राफ्ट रोल में शामिल नहीं हैं। इनमें अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत, डुप्लीकेट और विदेशी मतदाताओं समेत अन्य श्रेणियों के मामले भी शामिल हैं।
दिल्ली की बात करें तो यहां करीब 1 करोड़ 45 लाख पंजीकृत मतदाताओं में से 47 लाख 56 हजार 722 नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नहीं हैं। वहीं, करीब 97 लाख 53 हजार 507 मतदाताओं का रिकॉर्ड डिजिटाइज किया जा सका है।
महाराष्ट्र में भी बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम प्रारूप सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं। राज्य में करीब 2 करोड़ 7 लाख मतदाताओं के फॉर्म जमा नहीं हो सके या उनका रिकॉर्ड अब तक डिजिटाइज नहीं किया जा सका है।
30 सितंबर तक दर्ज करा सकेंगे दावा-आपत्ति
ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नाम नहीं होने वाले मतदाताओं को परेशान होने की जरूरत नहीं है। ऐसे लोग 31 अगस्त से 30 सितंबर 2026 तक अपना दावा या आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। संबंधित दावों और आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया 29 अक्टूबर तक पूरी की जाएगी।
इसके बाद 4 नवंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
नाम नहीं है तो क्या करें?
अगर ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में आपका नाम नहीं है, तो आप Form 6 के जरिए दोबारा नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके साथ जरूरी दस्तावेज भी जमा करने होंगे। मतदाता अपना नाम महाराष्ट्र या दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन भी चेक कर सकते हैं।
वहीं, अगर किसी ऐसे व्यक्ति का नाम ड्राफ्ट सूची में शामिल हो गया है जो मतदाता बनने के योग्य नहीं है, तो उसके खिलाफ आपत्ति दर्ज कराने के लिए Form 7 का इस्तेमाल किया जा सकता है।
इसके अलावा वोटर आईडी कार्ड यानी EPIC में नाम, पता या अन्य जानकारी में सुधार कराने के लिए Form 8 भरना होगा।
फिलहाल मतदाताओं के पास 30 सितंबर तक अपने नाम की जांच करने और जरूरत पड़ने पर दावा या आपत्ति दाखिल करने का मौका है। सभी दावों और आपत्तियों के निस्तारण के बाद 4 नवंबर को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।
