मुरादाबाद, 31 अगस्त। जिले में पिछले 24 घंटों के दौरान हुई 420.5 मिमी (औसतन 105.12 मिमी) जोरदार बारिश के बावजूद स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में और जनजीवन सुरक्षित है। जिला आपदा विशेषज्ञ प्रदीप कुमार सिंह के अनुसार, रामगंगा और गांगन सहित जिले की सभी प्रमुख नदियां खतरे के निशान से काफी नीचे बह रही हैं और तटबंध पूरी तरह से सुरक्षित हैं। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए राहत और बचाव का मजबूत तंत्र सक्रिय कर दिया है, जिसमें 36 मेडिकल टीमें, पीएसी और गोताखोर अलर्ट मोड पर हैं। वहीं, बीते कुछ समय से जिले में आपदा प्रबंधन के दो महीने के विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम की निरंतर निगरानी कर रहीं अपर जिलाधिकारी (एडीएम) ममता मालवीय के नेतृत्व में प्रशासनिक अमला हर परिस्थिति से निपटने के लिए 24 घंटे मुस्तैद है।
राहत और बचाव का मजबूत तंत्र तैयार
एडीएम ममता मालवीय ने बताया कि प्रशासन ने किसी भी संभावित जलभराव या आपात स्थिति से निपटने के लिए जिले की सभी 35 बाढ़ चौकियों को पूरी तरह से सक्रिय कर दिया है। इसके साथ ही कुल 24 बाढ़ शरणालयों में से 4 मॉडल शरणालयों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। संभावित जलभराव वाले क्षेत्रों में निगरानी और आवागमन के लिए प्रशासन द्वारा 3 नावें संचालित की गई हैं, जिनमें से दो भीकनपुर और एक बिलारी में तैनात है। सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता करने के लिए 1.5 फ्लड पीएसी टीम रिजर्व में रखी गई है। स्वास्थ्य व पशुपालन विभाग ने भी बेहतरीन तालमेल दिखाते हुए 36 मेडिकल टीमें और 35 पशु शिविरों को किसी भी आपातकालीन स्थिति में तत्काल सहायता पहुंचाने के लिए तैयार रखा है।
नदियों का जलस्तर सामान्य, सभी तटबंध महफूज
जिला आपदा विशेषज्ञ प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि लगातार हो रही बारिश के बावजूद जिले की नदियों का जलस्तर पूरी तरह से नियंत्रण में है। रामगंगा नदी (कटघर रेलवे पुल) का जलस्तर 188.96 मीटर दर्ज किया गया है, जो खतरे के निशान (190.60 मीटर) से 1.64 मीटर नीचे है और इसमें लगातार उतार देखा जा रहा है। इसी तरह गांगन नदी का जलस्तर 189.60 मीटर पर स्थिर है, जो डेंजर लेवल (192.00 मीटर) से 2.40 मीटर नीचे बह रही है। खो नदी का जलस्तर 223.45 मीटर है जो खतरे के निशान से 1.8 मीटर नीचे है और इसमें 2100 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज हो रहा है। इसके अलावा कोसी में 3962 और फीका नदी में 142 क्यूसेक पानी का बहाव दर्ज किया गया है। सिंचाई और बाढ़ खण्ड की निरंतर निगरानी के चलते जिले के सभी तटबंध पूरी तरह से सुरक्षित हैं।
किसानों की फसलें सुरक्षित करने की पहल, वन्यजीवों से बचाव की भी तैयारी
तहसीलवार बारिश के सटीक आंकड़ों की बात करें तो मुरादाबाद सदर में सर्वाधिक 170.5 मिमी, बिलारी में 148.0 मिमी, ठाकुरद्वारा में 95.0 मिमी और कांठ में 7.0 मिमी बारिश दर्ज की गई है। इस भारी बारिश के कारण सदर के 4 और ठाकुरद्वारा के 4 गांवों के खेतों में ज्यादा दिन तक पानी जमा रहने से लगभग 82 हेक्टेयर कृषि फसल के प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। प्रशासन किसानों की फसलों को जलभराव से बचाने के लिए लगातार तकनीकी उपाय कर रहा है, जिससे उन्हें कोई नुकसान न हो। इसके साथ ही, बढ़ते जलस्तर और बारिश के कारण तेंदुओं जैसे वन्यजीवों के सुरक्षित स्थानों की ओर रुख करने की आशंका को देखते हुए, ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए ठाकुरद्वारा के पीपलसाना में एक अतिरिक्त हाई-टेक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है जो लगातार मॉनिटरिंग कर रहा है।
मौसम का मिजाज और 24 घंटे खुला कंट्रोल रूम
जिला आपदा विशेषज्ञ के अनुसार, 1 सितम्बर को भी मुरादाबाद के अधिकांश क्षेत्रों में बादल छाए रहने और कुछ हिस्सों में हल्की बारिश होने की संभावना है। इस दौरान अधिकतम तापमान 35 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। आम जनता की मदद और त्वरित सहायता के लिए मुरादाबाद स्थित मुख्य बाढ़ कंट्रोल रूम 24 घंटे कार्यरत है। किसी भी आपात स्थिति में आम जनमानस फोन नंबर 0591-2412728, मोबाइल 9454416867 और टोल फ्री नंबर 1077 पर बेझिझक संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा कांठ, बिलारी, ठाकुरद्वारा और सदर तहसीलों के लिए भी अलग-अलग हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं, ताकि व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे@जफर/INN
