मुरादाबाद/ठाकुरद्वारा। ठाकुरद्वारा क्षेत्र के ग्राम बलिया में सोमवार सुबह तेंदुए की मौजूदगी ने ग्रामीणों के बीच एक बार फिर दहशत पैदा कर दी। खेत में चारा लेने गई 17 वर्षीय किशोरी नेमवती पुत्री रामकिशोर पर झाड़ियों में छिपे तेंदुए ने अचानक हमला कर दिया। किशोरी ने हिम्मत दिखाते हुए शोर मचाया और किसी तरह तेंदुए के चंगुल से बचकर अपनी जान बचाई। किशोरी के शोर मचाने पर तेंदुआ मौके से भाग निकला।
जानकारी के अनुसार, नेमवती सोमवार सुबह चारा लेने के लिए खेत की ओर गई थी। वह खेत के पास पहुंची ही थी कि झाड़ियों में छिपे तेंदुए ने अचानक उस पर झपट्टा मार दिया। अचानक हुए हमले से किशोरी सहम गई, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी और जोर-जोर से शोर मचाते हुए खुद को बचाने का प्रयास किया। शोर सुनकर तेंदुआ वहां से भाग गया और किशोरी बाल-बाल बच गई।
लाठी-डंडे लेकर खेतों में उतरे ग्रामीण
घटना की जानकारी गांव में फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। तेंदुए की लगातार मौजूदगी को लेकर पहले से भयभीत ग्रामीणों में इस घटना के बाद आक्रोश भी दिखाई दिया। कई ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर खेतों और आसपास के जंगल की ओर निकल पड़े और काफी देर तक तेंदुए की तलाश करते रहे।
ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुए के लगातार दिखाई देने और हमलों की घटनाओं से खेतों में काम करना भी मुश्किल हो गया है। लोग अकेले खेतों की ओर जाने से बच रहे हैं और महिलाओं तथा बच्चों की सुरक्षा को लेकर विशेष चिंता बनी हुई है।
पुलिस और वन विभाग की टीम पहुंची
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस और वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाकर शांत कराया और तेंदुए की गतिविधियों पर निगरानी रखने का भरोसा दिया। टीम ने ग्रामीणों से सतर्क रहने और अकेले खेतों या जंगल की ओर न जाने की अपील की।
ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रशासन से तेंदुए को पकड़ने के लिए प्रभावी अभियान चलाने तथा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक तेंदुए को पकड़ा नहीं जाता, तब तक गांव के लोगों में भय का माहौल बना रहेगा।
तेंदुए के हमले से किशोरी के बाल-बाल बचने की घटना ने एक बार फिर क्षेत्र में वन्यजीवों से बढ़ते खतरे और ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं@जफर/INN
