मुरादाबाद। जनपद मुरादाबाद के केजीबीवी (कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय) में मिशन कर्मयोगी मानव निर्माण अभियान के अंतर्गत “भारतीय ज्ञान परंपरा में कर्मयोग का सिद्धांत” विषय पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता श्री कृष्णानंद झा द्वारा छात्राओं एवं शिक्षकों को बौद्धिक विकास, ज्ञान के महत्व तथा भारतीय शिक्षा परंपरा के माध्यम से कर्मयोगी बनने के लिए प्रेरित किया गया।

उन्होंने बताया कि कर्मयोग का उद्देश्य स्वयं के साथ-साथ समाज एवं विश्व के कल्याण के लिए कार्य करना है। उन्होंने विद्यार्थियों को विश्व को कुटुंब मानकर कार्य करने का संदेश देते हुए मन को नियंत्रित करने और अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा में कर्मयोग का विशेष महत्व है। “भारत को जानो, भारत को मानो और भारतीय बनो” के भाव को आत्मसात करते हुए विद्यार्थियों को अपने जीवन में भारतीय मूल्यों एवं संस्कारों को अपनाना चाहिए।

उन्होंने शरीर के व्यक्तित्व निर्माण के पांच तत्वों—शरीर, मन, इंद्रियां, मस्तिष्क और आत्मा के संतुलित विकास पर भी प्रकाश डाला।
उन्होंने श्रीमद्भगवद्गीता के महत्व को बताते हुए विद्यार्थियों को नियमित रूप से गीता का अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया, ताकि वे अपनी बुद्धि से न्याय-अन्याय, सुख-दुःख एवं सही-गलत की पहचान कर विवेकपूर्ण ढंग से कार्य कर सकें।

कार्यक्रम में जनपद के सभी केजीबीवी की वार्डन, शिक्षिकाएं, लेखाकार एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सहित लगभग 240 छात्राएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने भारतीय ज्ञान परंपरा एवं कर्मयोग के सिद्धांतों को समझा तथा उन्हें अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया@शांतनु/INN
