मुरादाबाद। हौसला बुलंद हो तो मुश्किल से मुश्किल परिस्थितियां भी मंजिल की राह नहीं रोक सकतीं। इस बात को मुरादाबाद के पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ी कुणाल अरोड़ा ने अपनी मेहनत, प्रतिभा और अदम्य जज्बे से साबित कर दिखाया है। थैलेसीमिया जैसी गंभीर बीमारी से जूझते हुए खेल के क्षेत्र में लगातार सफलता की नई इबारत लिख रहे कुणाल अरोड़ा को अब “संतोष एवं अर्जुन अवार्ड” से सम्मानित किया गया है।
कुणाल अरोड़ा को यह प्रतिष्ठित सम्मान 23 अगस्त 2026 को नई दिल्ली स्थित ली मेरिडियन होटल में थैलेसीमिया इंडिया सोसाइटी द्वारा आयोजित थैलेसीमिया वॉरियर्स अवार्ड कार्यक्रम में प्रदान किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि इंडिया टीवी के मालिक एवं प्रसिद्ध पत्रकार रजत शर्मा रहे। उनके हाथों सम्मान प्राप्त करना कुणाल के लिए बेहद भावुक और ऐतिहासिक क्षण रहा।
बीमारी को कमजोरी नहीं, ताकत बनाया
थैलेसीमिया जैसी बीमारी के साथ जीवन जीना अपने आप में बड़ी चुनौती है, लेकिन कुणाल अरोड़ा ने इस चुनौती को अपनी कमजोरी बनने नहीं दिया। उन्होंने खेल को अपना जुनून बनाया और पैरा टेबल टेनिस में लगातार मेहनत करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान कायम की।
उनकी उपलब्धियों का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कुणाल अरोड़ा का भारतीय पैरा टेबल टेनिस टीम में चयन हुआ है। भारतीय टीम का हिस्सा बनकर विदेश में देश का प्रतिनिधित्व करना उनके साथ-साथ पूरे मुरादाबाद के लिए गर्व का विषय है। फिनलैंड दौरे पर रवाना होने से पहले मिला यह सम्मान उनकी उपलब्धियों में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ गया है।
रजत शर्मा ने बढ़ाया हौसला
सम्मान समारोह में कुणाल अरोड़ा को “संतोष एवं अर्जुन अवार्ड” प्रदान करते हुए रजत शर्मा ने उनकी उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने कुणाल के संघर्ष और खेल के प्रति समर्पण की प्रशंसा करते हुए उन्हें आगे भी इसी तरह देश और समाज का नाम रोशन करने के लिए शुभकामनाएं और आशीर्वाद दिया।
कुणाल के लिए यह पल इसलिए भी खास रहा क्योंकि उन्होंने अपनी जिंदगी में तमाम चुनौतियों के बावजूद जिस मुकाम को हासिल किया है, उसे देश की जानी-मानी हस्ती के हाथों सम्मान मिलना उनके संघर्ष की बड़ी पहचान है।
जैकी श्रॉफ से भी मिल चुका है सम्मान
कुणाल अरोड़ा इससे पहले फिल्म अभिनेता जैकी श्रॉफ के हाथों भी सम्मान प्राप्त कर चुके हैं। लगातार मिल रहे सम्मान यह दर्शाते हैं कि कुणाल ने अपनी प्रतिभा और संघर्ष से न केवल खेल जगत में बल्कि समाज में भी एक अलग पहचान बनाई है।
उनकी उपलब्धियां उन हजारों बच्चों और युवाओं के लिए प्रेरणा बन सकती हैं, जो किसी बीमारी, शारीरिक चुनौती या अन्य कठिन परिस्थितियों के कारण अपने सपनों को पूरा करने से पीछे हट जाते हैं।
माता-पिता को बेटे की उपलब्धि पर गर्व
कुणाल अरोड़ा की इस उपलब्धि से उनके माता-पिता यशपाल अरोड़ा और सोनिया अरोड़ा बेहद खुश और गौरवान्वित हैं। बेटे को बीमारी से संघर्ष करते हुए खेल के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ते और अब भारतीय टीम तक पहुंचते देखना उनके लिए भावुक कर देने वाला क्षण है।
परिवार का कहना है कि कुणाल ने अपनी मेहनत और हौसले से यह साबित किया है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत लगातार जारी रहे तो सफलता हासिल की जा सकती है।
मुरादाबाद के लिए गौरव का क्षण
कुणाल अरोड़ा की उपलब्धि सिर्फ उनके परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे मुरादाबाद महानगर के लिए गर्व की बात है। एक स्थानीय खिलाड़ी का भारतीय टीम में चयन होना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए तैयार होना मुरादाबाद के खेल जगत के लिए बड़ी उपलब्धि है।
कुणाल की प्रतिभा और संघर्ष को देखते हुए महानगर के विभिन्न क्लबों एवं सामाजिक संस्थाओं द्वारा भी उन्हें समय-समय पर सम्मानित किया जा चुका है।
बीमारी से संघर्ष, खेल से पहचान और देश का प्रतिनिधित्व – कुणाल की कहानी युवाओं के लिए बनी प्रेरणा
कुणाल अरोड़ा की कहानी इस संदेश को मजबूती देती है कि जिंदगी में चुनौतियां कितनी भी बड़ी क्यों न हों, हौसले और मेहनत के सामने कोई बाधा स्थायी नहीं होती। थैलेसीमिया से संघर्ष करते हुए पैरा टेबल टेनिस में मुकाम हासिल करना, भारतीय टीम में चयनित होना और देश के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने की तैयारी करना कुणाल के जज्बे की मिसाल है।
अब मुरादाबाद की निगाहें कुणाल अरोड़ा के आगामी अंतरराष्ट्रीय सफर पर टिकी हैं। उम्मीद है कि फिनलैंड में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए वह शानदार प्रदर्शन करेंगे और देश के साथ-साथ अपने शहर मुरादाबाद का नाम भी रोशन करेंगे@शांतनु/INN
