जयपुर के आमेर में जीप चालक से विवाद के बाद चाकूबाजी में घायल हुए गाइड मनीष सोनी की इलाज के दौरान मौत हो गई। सवाई मानसिंह अस्पताल में मनीष ने दम तोड़ दिया। मौत की खबर आमेर पहुंचते ही स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया और देखते ही देखते इलाके का माहौल तनावपूर्ण हो गया।
मनीष की मौत के विरोध में बड़ी संख्या में लोग आमेर कस्बे में जुट गए। आक्रोशित लोगों ने बाजार बंद करवा दिए। इसके अलावा आमेर महल की हाथी सवारी और पर्यटकों की आवाजाही भी रोक दी गई। महल की तरफ जाने वाले मुख्य मार्ग को भी प्रदर्शनकारियों ने बंद कर दिया, जिससे पर्यटन गतिविधियां प्रभावित हुईं और बाहर से आए पर्यटकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
विवाद के बाद चाकू से हमला
बताया जा रहा है कि सोमवार को आमेर के मावठा सरोवर इलाके में गाइड मनीष सोनी और एक जीप चालक के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। कहासुनी बढ़ने के बाद मनीष पर चाकू से हमला कर दिया गया। हमले में गंभीर रूप से घायल मनीष को तत्काल सवाई मानसिंह अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
तनाव के बीच भारी पुलिस बल तैनात
घटना के बाद आमेर में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने मोर्चा संभाल लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और भारी संख्या में पुलिसकर्मी इलाके में तैनात हैं। प्रशासन की ओर से लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है। एहतियात के तौर पर क्षेत्र के स्कूलों को भी बंद कराया गया है।
आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग
मनीष सोनी की मौत से नाराज परिजन और स्थानीय लोग आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। लोगों ने आरोपी के घर पर बुलडोजर कार्रवाई की मांग भी उठाई है।
परिजनों की ओर से प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर एक करोड़ रुपये मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और डेयरी बूथ आवंटित करने की मांग की गई है। इसके साथ ही आमेर क्षेत्र में अवैध और अनधिकृत रूप से जीप संचालन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर उन्हें प्रतिबंधित करने तथा आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगों पर पुलिस की कार्रवाई जारी रखने की मांग भी रखी गई है।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन की प्राथमिकता आमेर में कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। चाकूबाजी की इस घटना के बाद मनीष की मौत से मामला हत्या में तब्दील हो गया है और पूरे घटनाक्रम को लेकर इलाके में तनाव बना हुआ है।
