मुरादाबाद। बेटे की जान बचाने के लिए एक पिता ने अपनी जान की परवाह नहीं की, लेकिन मासूम को करंट से बचाते-बचाते खुद जिंदगी की जंग हार गया। भगतपुर थाना क्षेत्र में मंगलवार शाम मढ़े के कार्यक्रम के दौरान हुए दर्दनाक हादसे में करंट की चपेट में आने से मजदूर शाकिब की मौत हो गई। शाकिब ने करंट से तड़प रहे अपने पांच वर्षीय बेटे अबूबकर को तार से अलग तो कर दिया, लेकिन खुद करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गया। परिजन उसे आनन-फानन में मुरादाबाद के कॉसमॉस अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।
हादसे के बाद शादी की खुशियों वाला घर मातम में बदल गया। परिवार में चीख-पुकार मच गई और कार्यक्रम में भी अफरा-तफरी का माहौल हो गया।

जानकारी के अनुसार भगतपुर निवासी भूरा के घर मंगलवार शाम मढ़े का कार्यक्रम था। बुधवार को घर से बारात जानी थी। इसी के चलते रिश्तेदारों और परिचितों का घर पर आना-जाना लगा था। इसी कार्यक्रम में शाकिब पुत्र फरियाद अपने पांच वर्षीय बेटे अबूबकर के साथ पहुंचा था।
बताया गया कि कार्यक्रम स्थल पर दीवार के पास जनरेटर की लाइट के तार पड़े हुए थे। इसी दौरान अबूबकर अचानक तार की चपेट में आ गया। करंट लगने से मासूम तड़पने लगा। बेटे को करंट से छटपटाता देख शाकिब बिना देर किए उसे बचाने के लिए दौड़ा और किसी तरह तार से अलग कर दिया।
बेटे को तो शाकिब ने बचा लिया, लेकिन उसे बचाने की कोशिश में खुद करंट की चपेट में आ गया। गंभीर रूप से झुलसने के बाद वह मौके पर ही अचेत हो गया। परिजनों ने तत्काल उसे मुरादाबाद के कॉसमॉस अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

छह साल पहले हुई थी शादी, दो मासूम बेटों को छोड़ गया
मृतक के पिता फरियाद ने बताया कि शाकिब की करीब छह वर्ष पहले शादी हुई थी। उसके दो बेटे हैं। बड़ा बेटा अबूबकर पांच वर्ष का है, जबकि छोटा बेटा अर्हम है। शाकिब मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। उसकी मौत से पत्नी और दोनों बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।
सूचना मिलने पर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और हादसे के संबंध में जानकारी जुटाई। परिजनों ने फिलहाल किसी तरह की कानूनी कार्रवाई कराने से इन्कार कर दिया है।
एक पिता ने बेटे को मौत के मुंह से तो खींच लिया, लेकिन खुद मौत की आगोश में चला गया। शादी की खुशियों के बीच हुआ यह हादसा पूरे परिवार के लिए जिंदगी भर का दर्द छोड़ गया@जफर/INN
