मुरादाबाद। शहर में लगातार हो रही बारिश के बीच जर्जर और खस्ताहाल इमारतों को लेकर नगर निगम की कार्रवाई तेज हो गई है। मुगलपुरा में जर्जर तीन मंजिला भवन गिरने की घटना के बाद अब कोर्ट रोड स्थित बाल निकेतन स्कूल के सामने खड़ी एक पुरानी और जर्जर इमारत को नगर निगम ने खतरनाक घोषित करते हुए सील कर दिया है। बुधवार को नगर निगम की ओर से कार्रवाई करते हुए भवन को तत्काल प्रभाव से सील किया गया।

यह इमारत नीरज गुप्ता और प्रवीण गुप्ता उर्फ बाबा की बताई जा रही है। नगर निगम की ओर से भवन के संबंध में जारी नोटिस में इसे खतरनाक स्थिति में बताते हुए भवन को खाली कराने और सील किए जाने की कार्रवाई का उल्लेख किया गया है।

स्कूल के सामने थी जर्जर इमारत, नीचे से गुजरता है दिनभर ट्रैफिक
कोर्ट रोड का यह हिस्सा शहर के व्यस्त मार्गों में शामिल है। इमारत के ठीक सामने बाल निकेतन स्कूल होने के कारण यहां दिनभर छात्र-छात्राओं, अभिभावकों और राहगीरों की आवाजाही रहती है। वहीं सड़क के नीचे से लगातार वाहनों का आवागमन होता है।
ऐसे में जर्जर भवन से पत्थर, प्लास्टर या भवन का कोई हिस्सा अचानक गिरने की स्थिति में गंभीर हादसा होने की आशंका बनी हुई थी। बारिश के कारण पुराने भवनों की स्थिति और कमजोर होने की आशंका को देखते हुए इस इमारत को लेकर भी लोगों में चिंता बनी हुई थी।
मुगलपुरा हादसे के बाद बढ़ी सतर्कता
हाल ही में मुगलपुरा क्षेत्र में एक जर्जर तीन मंजिला भवन के अचानक धराशायी होने की घटना ने शहर में पुराने और कमजोर भवनों की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए थे। राहत की बात यह रही कि नगर निगम ने हादसे से पहले ही भवन को खतरनाक घोषित कर वहां रहने वाले परिवारों को बाहर निकलवा दिया था और भवन को सील करने के साथ आसपास बैरिकेडिंग करा दी थी। अगले दिन भवन भरभराकर गिर गया।
मुगलपुरा की इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया कि जर्जर भवनों की समय रहते पहचान और उन पर कार्रवाई कितनी जरूरी है। इसी क्रम में नगर निगम द्वारा शहर के दूसरे हिस्सों में भी ऐसे भवनों को चिन्हित करने और नोटिस जारी करने की प्रक्रिया तेज की गई है।
नगर निगम के नोटिस में क्या कहा गया?
कोर्ट रोड स्थित भवन पर लगाए गए नगर निगम के नोटिस में भवन को खाली करने और सील किए जाने के संबंध में सूचना दी गई है। नोटिस में भवन स्वामी को भवन की स्थिति से अवगत कराते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

नोटिस में यह भी उल्लेख है कि भवन को लेकर आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर इसे खाली कराया जाए और भवन में प्रवेश से बचा जाए। नगर निगम की ओर से जारी नोटिस पर अधिकारी के हस्ताक्षर भी दर्ज हैं।
बारिश के बीच कार्रवाई से टला संभावित खतरा
इस समय लगातार बारिश के कारण शहर की पुरानी और जर्जर इमारतों को लेकर खतरा और बढ़ गया है। ऐसे भवनों में नमी पहुंचने और कमजोर हिस्सों के अचानक गिरने की आशंका बनी रहती है। खासकर वे इमारतें ज्यादा संवेदनशील हैं, जिनके आसपास व्यस्त सड़क, बाजार या स्कूल जैसी सार्वजनिक गतिविधियां होती हैं।
कोर्ट रोड की इस इमारत को सील किए जाने से फिलहाल उसके आसपास मौजूद लोगों के लिए संभावित खतरे को कम करने की दिशा में कदम उठाया गया है।
अब निगाह आगे की कार्रवाई पर
नगर निगम द्वारा भवन को जर्जर और खतरनाक घोषित कर सील किए जाने के बाद अब सवाल यह है कि भवन की सुरक्षा के लिए आगे क्या कदम उठाए जाएंगे। क्या इसके खतरनाक हिस्सों को हटाया जाएगा, मरम्मत संभव होगी या नियमानुसार ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया अपनाई जाएगी, यह नगर निगम की तकनीकी जांच और आगामी कार्रवाई पर निर्भर करेगा।
फिलहाल मुगलपुरा की घटना के बाद कोर्ट रोड पर हुई यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि नगर निगम ने शहर की जर्जर इमारतों को लेकर खतरे को गंभीरता से लेना शुरू कर दिया है। खास बात यह है कि इस बार कार्रवाई किसी हादसे के बाद नहीं, बल्कि संभावित खतरे को देखते हुए की गई है।
सवाल अब यही है कि शहर में ऐसी और कितनी जर्जर इमारतें हैं, जो अभी भी लोगों की आवाजाही के बीच खड़ी हैं और क्या उन्हें भी समय रहते चिन्हित कर सुरक्षित किया जाएगा? @शांतनु/INN
