भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के भविष्य को लेकर अमेरिकी कंपनी Google ने बड़ा दांव खेला है. दिल्ली में आयोजित Bharat AI Shakti नाम के इस मेगा इवेंट में भारत सरकार के कई दिग्गज मंत्री एक मंच पर नजर आए. इस मंच से कई बड़े ऐलान हुए जिसमें 15 बिलियन डॉलर्स का निवेश भी शामिल है.
इवेंट में फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण, आईटी मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव, आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू, और उनके बेटे व राज्य के आईटी मंत्री नारा लोकेश शामिल हुए. मंच पर मौजूद यह लाइनअप इस बात का संकेत थी कि सरकार अब AI को सिर्फ टेक्नोलॉजी नहीं, बल्कि आर्थिक, सामाजिक और रणनीतिक शक्ति के रूप में देख रही है.
गूगल क्लाउड के सीईओ थॉमस कूरीयन ने इवेंट की शुरुआत करते हुए बताया कि कंपनी पिछले 21 सालों से भारत में काम कर रही है, और आज 14,000 से ज्यादा भारतीय गूगल के साथ जुड़े हैं. गूगल की 5 AI लैब्स पहले से भारत में एक्टिव हैं.
अब गूगल एक कदम आगे बढ़ा रहा है – अमेरिका के बाद दुनिया का सबसे बड़ा गीगावाट-स्केल AI हब भारत के विशाखापट्टनम में बनाया जा रहा है. यह Google Full Stack AI का हिस्सा होगा, जो भारत में क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सॉल्यूशंस और AI मॉडल्स को तेजी से स्केल करेगा.
इस मौके पर Google CEO सुंदर पिचाई ने X पर एक पोस्ट किया है. इस पोस्ट में पिचाई ने कहा है कि उन्होंने पीएम मोदी से बात की और विशाखापट्टनम में पहले Google AI Hub सेटअप करने के प्लान के बारे में बताया. पिचाई के मुताबिक़ इस AI हब में गीगावॉट-स्केल कंप्यूट कैपेसिटी, इंटरनैशनल सबसी गेटवे और लार्ज एनर्जी इन्फ़्रास्ट्रक्चर का गेटवे शामिल होगा. इसके ज़रिए भारत में यूजर्स और इंटरप्राइज को इंडस्ट्री लीडिंग टेक्नोलॉजी मिल सकेगी जिससे देश में AI इनोवेशन बढ़ेगा.
गूगल ने घोषणा की कि वह अगले पांच सालों में भारत में 1.33 लाख करोड़ रुपये (करीब $15 बिलियन) का निवेश करेगा. यह निवेश सिर्फ सर्वर और डेटा सेंटर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें स्किलिंग, रिसर्च, लोकल स्टार्टअप्स और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल होगा.
