मुरादाबाद। कटघर थाना पुलिस ने फर्जी और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट बनवाने वाले गिरोह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बड़ी संख्या में कूटरचित दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक आरोपी फर्जी कागजात तैयार कर उनके आधार पर पासपोर्ट बनवाने का काम करते थे।

पुलिस के अनुसार, 6 अक्टूबर 2026 को थाना कटघर में शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2), 61(2) तथा पासपोर्ट अधिनियम की धारा 12 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुरादाबाद के निर्देश पर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम गठित की गई थी।
पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए महफूज पुत्र महमूद, निवासी अगवानपुर, थाना सिविल लाइंस, वर्तमान निवासी पीर का बाजार नियर मलिक मस्जिद, थाना मझोला, मुरादाबाद तथा आकाश पुत्र शिवदत्त, निवासी फरीदपुर सेक्टर-78, जनपद फरीदाबाद, हरियाणा को रामगंगा पुल के पास से गिरफ्तार किया।
पूछताछ में सामने आया फर्जी पासपोर्ट का नेटवर्क
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपी महफूज ने बताया कि वह फर्जी कागजात के आधार पर पासपोर्ट बनवाने का काम करता था। उसका एक साथी मुकेश शर्मा बताया गया है, जो बरेली के छोटा बमनपुरी स्थित एक कोचिंग सेंटर के पास रहता है। आरोपी के अनुसार लोग पासपोर्ट बनवाने के लिए अपनी फोटो और नाम भेजते थे, जिसके बाद फर्जी दस्तावेज तैयार कर उनके आधार पर पासपोर्ट के लिए आवेदन किया जाता था।
दूसरे आरोपी आकाश से पूछताछ में भी फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट आवेदन से संबंधित जानकारी सामने आने की बात पुलिस ने कही है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

बड़ी संख्या में फर्जी दस्तावेज बरामद
पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से 06 अदद पासबुक, 05 चेकबुक, 25 आधार कार्ड, 02 मूल वोटर आईडी कार्ड, 04 पैन कार्ड, 01 ट्रांसफर सर्टिफिकेट का प्रारूप, 08 ग्राम प्रधान के लेटर पैड, 04 पार्षद के लेटर पैड, 04 छायाप्रति मार्कशीट, जन्म प्रमाण पत्र, आरसी, पहचान पत्र और अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं।
इसके अलावा पुलिस को कूटरचित छायाप्रति पैन कार्ड, विभिन्न वार्डों एवं ग्राम प्रधानों के लेटर पैड, बिजली बिल की कूटरचित रसीदें, आधार कार्ड, लैपटॉप, चार्जर और मोबाइल फोन भी मिले हैं।
पुलिस ने बरामद दस्तावेजों को कब्जे में लेकर उनकी जांच शुरू कर दी है। बरामद सामग्री से फर्जी दस्तावेज तैयार कर सरकारी एवं अन्य आधिकारिक प्रक्रियाओं में इस्तेमाल किए जाने की आशंका को गंभीरता से लिया जा रहा है।
आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी सामने आया
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी महफूज के खिलाफ पहले से भी कई मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस रिकॉर्ड में थाना सिविल लाइंस और थाना डिलारी से संबंधित मुकदमों का उल्लेख किया गया है। इनमें धोखाधड़ी, कूटरचना और अन्य धाराओं से जुड़े मामले शामिल हैं।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने अब तक कितने लोगों के फर्जी दस्तावेज तैयार किए और उनके आधार पर कितने पासपोर्ट बनवाए गए। साथ ही इस नेटवर्क में शामिल अन्य व्यक्तियों की पहचान और उनकी भूमिका की जांच भी की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने और उनके आधार पर पासपोर्ट बनवाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा तथा मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है@शांतनु/INN
