मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की संसदीय अध्ययन समिति के सभापति किरणपाल कश्यप, सदस्य बहोरन लाल मौर्य, सदस्य हंसराज विश्वकर्मा द्वारा बुधवार को सर्किट हाउस सभागार में जिले के अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई बैठक में वर्तमान सरकार के गठन के पश्चात विभिन्न विभागीय कार्यालयों को सांसद और विधान मंडल के सदस्यों द्वारा भेज गए पत्रों पर अधिकारियों के स्तर से की गई कार्यवाही की स्थिति के बारे में विस्तृत समीक्षा की गई।
सभापति ने नगर निगम मुरादाबाद, समस्त नगर पालिका और नगर पंचायतों के साथ-साथ पंचायती राज विभाग, लोक निर्माण विभाग, नलकूप, माध्यमिक शिक्षा, उच्च शिक्षा, पुलिस, स्वास्थ्य, समाज कल्याण, राजस्व, पशुपालन, गन्ना, बेसिक शिक्षा, वन, भू तत्व एवं खनिकर्म, पर्यटन और मुरादाबाद विकास प्राधिकरण के अधिकारियों से जन प्रतिनिधियों के स्तर से भेजे गए विभिन्न प्रकार के पत्रों के सापेक्ष की गई कार्रवाई के बारे में विस्तृत जानकारी ली तथा जरूरी दिशा निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि सांसद और विधायक गणों द्वारा भेजे गए पत्रों के सापेक्ष कार्यवाही करने के उपरांत संबंधित जनप्रतिनिधि को कृत कार्रवाई अथवा यथा स्थिति से अवश्य अवगत कराएं। कार्यालयों में अभिलेखों का रखरखाव बेहतर तरीके से होना चाहिए तथा अभिलेखीय दुरुस्तीकरण पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।

नलकूप विभाग के अधिकारी को निर्देशित किया कि किसानों को सिंचाई के लिए समय पर पानी की उपलब्धता हो इसके लिए सरकार काफी संवेदनशील है इसलिए यदि जनप्रतिनिधियों द्वारा किसानों की सिंचाई, खाद, बीज या अन्य कृषि से जुड़ी समस्याओं के संबंध में कोई पत्राचार किया जाता है तो संबंधित अधिकारी द्वारा गंभीरता पूर्वक कार्रवाई होनी चाहिए।
पुलिस विभाग के कार्यों को लेकर जनप्रतिनिधियों के स्तर से प्राप्त पत्रों की समीक्षा के दौरान सभापति ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल से कहा कि साइबर क्राइम और ऑनलाइन सट्टा जैसे अपराधिक कृत्यों पर प्रभावी रोकथाम के लिए भी स्थानीय स्तर से जरूरी कदम उठाए जाएं, जिस पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने जनपद में साइबर अपराध एवं अन्य ऑनलाइन माध्यमों से होने वाले विभिन्न प्रकार के अपराधों पर कड़ी निगरानी रखने एवं कार्यवाही की स्थिति के बारे में सभापति को विस्तार पूर्वक जानकारी दी।
समाज कल्याण विभाग की समीक्षा के दौरान सभापति ने जिलाधिकारी अनुज सिंह से कहा कि पारिवारिक लाभ योजना प्रभावित परिवार को त्वरित रूप से आर्थिक लाभ पहुंचाने के लिए सरकार द्वारा संचालित है इसलिए समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए।
उन्होंने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी से जनपद में संचालित गौशालाओं की स्थिति और इन गौशालाओं में हरा चारा और भूसे की व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए किए जा रहे कार्यों के बारे में जानकारी ली तथा कहा कि आवारा पशुओं को संरक्षित करने के लिए भी नियमानुसार जरूरी कदम उठाए जाएं।

जनपद में चीनी मिलों द्वारा गन्ना किसानों के मूल्य भुगतान की स्थिति के बारे में भी उन्होंने जानकारी प्राप्त की तथा जिलाधिकारी से कहा कि जिन चीनी मिलों द्वारा मूल्य भुगतान में लापरवाही बरती जा रही है उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के लिए मुख्यमंत्री जी के निर्देश हैं इसलिए किसानों का समय पर मूल्य भुगतान न करने वाली चीनी मिलों को तत्काल भुगतान के लिए निर्देशित कर दें।
जिलाधिकारी ने जनपद में गन्ना मूल्य भुगतान के लिए चीनी मिलों के विरुद्ध की गई कार्रवाई के बारे में सभापति को विस्तृत जानकारी दी।
जिले में औद्योगिक इकाइयों से छोड़े जाने वाले दूषित पानी के ट्रीटमेंट के लिए निर्धारित मानकों का सख्ती से अनुपालन कराए जाने को लेकर उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जिले की औद्योगिक इकाइयों में स्थापित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के संचालन की मॉनिटरिंग होनी चाहिए ताकि प्रदूषण नियंत्रण के लिए निर्धारित मानकों का गंभीरता पूर्वक अनुपालन हो सके।आयुर्वेद एवं यूनानी अस्पतालों के संचालन की स्थिति के बारे में उन्होंने जिला आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी से जानकारी ली। जिला आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी ने बताया कि जनपद में 14 आयुर्वेदिक और 01 यूनानी अस्पताल संचालित है, जिस पर मा. सभापति ने कहा कि आयुर्वेद के महत्व और उपयोगिता तथा आयुर्वेदिक दवाओं के बारे में प्रचार प्रसार पर विशेष जोर दिया जाए।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी सुश्री मृणाली अविनाश जोशी और अपर जिलाधिकारी प्रशासन गुलाबचंद्र सहित अन्य संबंधित अधिकारी गण मौजूद रहे।
