राजधानी के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की महारैली के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग को निशाने पर लिया। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित इस रैली में राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद देश के करीब 15 प्रतिशत मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए 2024 के लोकसभा चुनाव को गैरकानूनी और वोटों की चोरी से जुड़ा चुनाव करार दिया।
राहुल गांधी ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाना INDIA गठबंधन का पहला कदम होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं और ज्ञानेश कुमार को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। राहुल ने मध्य प्रदेश, हरियाणा, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और कर्नाटक समेत कई राज्यों के चुनावों में भी कथित वोट चोरी का मुद्दा उठाया। उन्होंने EVM और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कहा कि यह सिर्फ वोटों की नहीं, बल्कि देश के नागरिकों के अधिकारों की चोरी है।
अपने संबोधन में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और RSS पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की संस्थाओं पर कब्जा किया जा रहा है और इसका असर किसानों, मजदूरों तथा युवाओं पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य और युवाओं को रोजगार मिलना चाहिए। राहुल गांधी ने नफरत की राजनीति के खिलाफ मोहब्बत और लोकतंत्र की रक्षा का संदेश देते हुए कहा कि वे किसी से व्यक्तिगत नफरत नहीं करते, लेकिन लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमले को बर्दाश्त नहीं करेंगे।
वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी रैली में केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि CBI और ED जैसी केंद्रीय एजेंसियों के जरिए विपक्ष को डराने की कोशिश की जा रही है और लोगों के मतदान के अधिकार को कमजोर किया जा रहा है। खरगे ने विपक्षी दलों से एकजुट होकर संघर्ष करने की अपील करते हुए ‘मोदी हटाओ, लोकतंत्र बचाओ’ का नारा दिया।
