बिजनौर। अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी के शीतकालीन सत्र 2026-27 का रविवार, 1 नवंबर को भव्य शुभारंभ हो गया। मुरादाबाद मंडल की मंडलायुक्त संगीता सिंह ने केहरीपुर रेंज कार्यालय पर आयोजित समारोह में फीता काटकर तथा जिप्सी को हरी झंडी दिखाकर सफारी का औपचारिक उद्घाटन किया। इसके साथ ही वन्यजीव प्रेमियों और पर्यटकों के लिए अमानगढ़ के घने जंगलों में रोमांचक सफर का रास्ता खुल गया है।

उद्घाटन समारोह में एसपी, वन संरक्षक मुरादाबाद, प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) जय सिंह कुशवाह, क्षेत्रीय वनाधिकारी अंकिता किशोर, वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर एआर रहमान, बाघ मित्र अजमेर सिंह सहित वन विभाग के अधिकारी एवं अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने जंगल सफारी की व्यवस्थाओं और पर्यटन सत्र को लेकर तैयारियों की जानकारी भी साझा की।

15 दिन पहले शुरू हुआ सफारी का नया सत्र
डीएफओ जय सिंह कुशवाह ने बताया कि इस बार पर्यटकों की मांग और रुचि को देखते हुए जंगल सफारी का संचालन निर्धारित समय से 15 दिन पहले शुरू किया गया है। सामान्य तौर पर अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में शीतकालीन सफारी 15 नवंबर से शुरू होती थी, लेकिन इस बार पर्यटकों को अधिक समय तक जंगल की प्राकृतिक सुंदरता और वन्यजीवों को करीब से देखने का अवसर देने के उद्देश्य से 1 नवंबर से ही सफारी खोल दी गई है। यह सत्र जून 2027 तक संचालित होगा।

32 किलोमीटर का होगा रोमांचक सफर
अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी का निर्धारित मार्ग केहरीपुर गेट से झिरना गेट तक लगभग 32 किलोमीटर का होगा। इस पूरे रूट को तय करने में करीब 3 से साढ़े 3 घंटे का समय लगेगा। पर्यटक जिप्सी के माध्यम से जंगल के प्राकृतिक वातावरण, वनस्पतियों और वन्यजीवों को नजदीक से देखने का आनंद ले सकेंगे।

सफारी के लिए सुबह और शाम दो पालियों में समय निर्धारित किया गया है। सुबह 6 बजे से 9:30 बजे तक तथा दोपहर बाद 2 बजे से शाम 5:30 बजे तक जिप्सियों का संचालन किया जाएगा। इस दौरान कुल आठ जिप्सियां पर्यटकों को जंगल की सैर कराएंगी।
बाघ, हाथी और तेंदुए समेत समृद्ध वन्यजीव संसार
उद्घाटन के अवसर पर मंडलायुक्त संगीता सिंह ने कहा कि अमानगढ़ टाइगर रिजर्व की भौगोलिक स्थिति और प्राकृतिक संपदा इसे पर्यटन की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण बनाती है। यह क्षेत्र विश्व प्रसिद्ध जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क से सटा हुआ है। यहां बाघ, हाथी, तेंदुए सहित 6,524 से अधिक वन्यजीवों की मौजूदगी इस जंगल को विशेष पहचान देती है।

उन्होंने कहा कि अमानगढ़ में जंगल सफारी का संचालन केवल पर्यटन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से क्षेत्र की प्राकृतिक विरासत को पहचान दिलाने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने का भी अवसर मिलेगा।
ईको टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा, स्थानीय युवाओं को रोजगार की उम्मीद
मंडलायुक्त ने कहा कि अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से ईको टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्राप्त हो सकेंगे। सफारी से स्थानीय स्तर पर गाइड, जिप्सी संचालन और पर्यटकों से जुड़ी अन्य गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलने की संभावना है।
अमानगढ़ टाइगर रिजर्व का शीतकालीन सत्र शुरू होने से वन्यजीव प्रेमियों, प्रकृति प्रेमियों और फोटोग्राफी के शौकीनों में उत्साह है। उम्मीद है कि आगामी पर्यटन सत्र में बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचेंगे और बिजनौर के इस प्राकृतिक वन क्षेत्र को पर्यटन के मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी@जफर/INN
