उत्तर प्रदेश के औरैया में मौलाना जर्जिस अंसारी का एक बयान सामने आने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। मौलाना ने योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश के मुसलमान डर के माहौल में जी रहे हैं। उन्होंने फिलिस्तीन का जिक्र करते हुए आशंका जताई कि कहीं उत्तर प्रदेश की स्थिति भी फिलिस्तीन जैसी न हो जाए।
मौलाना जर्जिस ने मुस्लिम समुदाय से एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि अब बिखरे रहने का समय नहीं है, बल्कि एकता दिखाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि किसी भी हाल में मौजूदा सरकार दोबारा सत्ता में नहीं आनी चाहिए। उनके मुताबिक, अगर योगी सरकार फिर से बनती है तो मुसलमानों के घरों पर बुलडोजर चलेंगे और उन्हें निशाना बनाया जाएगा।
CJP आंदोलन को बताया अपने लिए राहत
अपने बयान में मौलाना ने CJP के जंतर-मंतर आंदोलन का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ कार्रवाई की चर्चा के बीच CJP का आंदोलन शुरू हो गया, जिससे उनका मामला पीछे छूट गया। उन्होंने इसे अपने लिए राहत बताया। साथ ही बंगाल का उदाहरण देते हुए मुस्लिम समुदाय से यूपी में एकजुट रहने की अपील की।
पहले भी दे चुके हैं विवादित बयान
मौलाना जर्जिस अंसारी इससे पहले भी कई बयानों को लेकर विवादों में रह चुके हैं। राम और कृष्ण को लेकर की गई उनकी टिप्पणी के बाद हिंदू संगठनों की ओर से FIR दर्ज कराई गई थी। इसके अलावा वह मुसलमानों को बंगाल शिफ्ट होने की सलाह देने वाले बयान को लेकर भी चर्चा में आए थे।
कार्रवाई की उठी मांग
मौलाना के ताजा बयान पर अयोध्या के महंत विष्णु दास ने आपत्ति जताई है। उन्होंने मौलाना पर लोगों को भड़काने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और कार्रवाई की मांग की है। वहीं, मौलाना के बयान को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी बहस तेज होने की संभावना है।
