भारत के दिग्गज टेनिस खिलाड़ी रोहन बोपन्ना ने रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया है. बोपन्ना ने 1 नवंबर (शनिवार) को भावुक पोस्ट शेयर करके दो दशकों से ज्यादा तक चले अपने टेनिस करियर पर विराम लगाया. 45 साल के बोपन्ना का आखिरी टूर्नामेंट पेरिस मास्टर्स रहा, जहां उन्होंने अलेक्जेंडर बुब्लिक के साथ जोड़ी बनाई थी. उस टूर्नामेंट में बोपन्ना-बुब्लिक को राउंड ऑफ 32 में जॉन पीयर्स और जेम्स ट्रेसी ने 5-7, 6-2, 10-8 से हरा दिया था.
रोहन बोपन्ना ने इंस्टाग्राम पर लिखा, “एक अलविदा… लेकिन अंत नहीं. ऐसी चीज को अलविदा कहना बहुत मुश्किल होता है जिसने आपकी जिंदगी को अर्थ (Meaning) दिया हो. 20 अविस्मरणीय सालों के बाद अब वक्त आ गया है. मैं आधिकारिक तौर पर अपना रैकेट टांग रहा हूं. जब मैं यह लिख रहा हूं, मेरा दिल भारी भी है और आभारी भी. कूर्ग जैसे छोटे से शहर से अपनी यात्रा शुरू की, लकड़ी के ब्लॉक काटकर सर्व मजबूत की, कॉफी के बागानों में दौड़कर स्टैमिना बनाई और टूटे कोर्ट्स पर सपने देखते हुए आज दुनिया के बड़े मंचों तक पहुंचा, यह सब किसी सपने जैसा लगता है.”
रोहन बोपन्ना ने आगे लिखा, “टेनिस मेरे लिए सिर्फ एक खेल नहीं रहा, इसने मुझे जीवन का उद्देश्य दिया. जब मैं खो गया था, तब ताकत दी. जब मैं टूटा हुआ था, तब विश्वास दिलाया.हर बार जब मैं कोर्ट पर उतरा तो इस खेल ने मुझे धैर्य, जज्बा और दोबारा उठने की हिम्मत सिखाई. जब अंदर से सब कुछ कहता था कि मैं नहीं कर सकता, तब टेनिस ने मुझे लड़ना सिखाया और सबसे बढ़कर यह याद दिलाया कि मैंने शुरुआत क्यों की और मैं कौन हूं.”
रोहन बोपन्ना ने अपने माता-पिता का जिक्र करते हुए कहा कि वो उनके लिए असली हीरो हैं. बोपन्न लिखते हैं, “आपने मुझे वो सब दिया जिसकी मदद से मैं अपना सपना पूरा कर सका. आपके त्याग, आपकी निःशब्द ताकत और आपके अटूट विश्वास के कारण ही मैं यहां तक पहुंचा हूं.” बोपन्ना ने अपनी बहन रश्मि, पत्नी (सुप्रिया) और बेटी (त्रिधा) का धन्यवाद किया, जो हर मोड़ पर बोपन्ना के साथ खड़ी रहीं. बोपन्ना ने अपने कोच, दोस्तों साथी खिलाड़ियों और फैन्स का भी आभार जताया.
